विजय पाठक | अयोध्या3 मिनट पहले
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अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में विवाद सामने आया है। कॉलेज के छह विभागाध्यक्षों ने प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा के खिलाफ प्रमुख सचिव को शिकायती पत्र भेजा है।
शिकायत करने वालों में ब्लड बैंक विभागाध्यक्ष डॉ. डीके शर्मा, फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू सिंह, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा गुप्ता, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पारस खरबंदा, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार और माइक्रोबायलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहांशु शुक्ला शामिल हैं।
9 सितंबर को भेजे गए पत्र में विभागाध्यक्षों ने कई आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्राचार्य पैसे लेकर अयोग्य संकाय सदस्यों की नियुक्ति करते हैं। अस्पताल में दलालों ने हर सुविधा का रेट तय कर रखा है। चिकित्सकों को गैरमौजूद रहने की छूट दी जाती है और उनसे धन वसूला जाता है।
विभागाध्यक्षों का आरोप है कि क्रय संबंधी कार्य बायोकेमिस्ट्री विभाग के जूनियर और अनधिकृत लोगों से कराया जाता है। कॉलेज और अस्पताल के निर्णयों में वरिष्ठ संकाय सदस्यों को शामिल नहीं किया जाता। आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्तियां गोपनीय तरीके से की जाती हैं।
प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह एक साजिश है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता पहले भी झूठे आरोप लगा चुके हैं। प्राचार्य ने कहा कि वे हर जांच का सामना करने को तैयार हैं। वे सभी तथ्यों से शासन को अवगत कराएंगे।

