Wednesday, May 27, 2026
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अहमदाबाद में 925 अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर: एक हजार से ज्यादा लोग हुए बेघर, लोगों ने तालाब पर भी कर लिया था निर्माण


अहमदाबाद12 घंटे पहले

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शहर के पूर्वी इलाके में स्थित इसनपुर तालाब के आसपास हो रही कार्रवाई।

गुजरात के अहमदाबाद में चंडोला झील के बाद एक और मेगा डिमोलिशन की कार्रवाई हो रही है। शहर के पूर्वी इलाके में स्थित इसनपुर तालाब के आसपास का बने मकान-दुकान ढहाए जा रहे हैं। सोमवार सुबह से शुरू हुई अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई चार चरणों में होगी।

इसके तहत तालाब किनारे के 925 अवैध मकान-दुकान ढहाई जाएंगी। इन मकानों में 1 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच 20 जेसीबी मशीनों और 500 नगर निगम कर्मचारियों व मजदूरों की टीम लगाई गई है। हालांकि, लोगों का कहना है कि उनके रहने की व्यवस्था किए बिना ही यह कार्रवाई की जा रही है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

तालाब के बड़े हिस्से पर भी कर लिया था निर्माण इसनपुर अहमदाबाद की तीसरा सबसे बड़ी झील है। लोगों ने बांस-बल्लियों से तालाब के बड़े हिस्से पर भी निर्माण कर लिया था। नगर निगम ने मानसून से पहले यहां रहने वालों को नोटिस भेजे थे। लेकिन, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते तोड़फोड़ न कर लोगों को और वक्त दे दिया गया था। इससे पहले यह कार्रवाई 20 नवंबर को होनी थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने और चार दिन का वक्त मांगा था। इसी के चलते कार्रवाई आज सुबह से शुरू हुई।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की 3 तस्वीरें…

20 जेसीबी मशीनों से गिराए जा रहे हैं अवैध निर्माण।

20 जेसीबी मशीनों से गिराए जा रहे हैं अवैध निर्माण।

ईसनपुर तालाब किनारे बने इन मकानों में 1 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।

ईसनपुर तालाब किनारे बने इन मकानों में 1 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं।

लोगों ने बांस और बल्लियों के जरिए तालाब के बड़े हिस्से पर भी निर्माण कर लिए थे।

लोगों ने बांस और बल्लियों के जरिए तालाब के बड़े हिस्से पर भी निर्माण कर लिए थे।

हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवावाजा खटखटाया था। लेकिन हाई कोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी थी कि शहर के जलाशय के पास अतिक्रमण को सही नहीं ठहराया जा सकता। इसके बाद ही प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी थी।

निगम ने मकान देने का बात कही थी: स्थानीय यहां रहने वाली महिलाओं ने बताया कि उनके परिवार 50 सालों से यहां रह रहे हैं। नगर निगम ने मकान तोड़ने से पहले लोगों से नए मकान देने का वादा किया था। लेकिन, अब तक किसी को मकान नहीं मिले हैं। निगम के अधिकारियों ने बिना घर दिए ही उनसे फॉर्म भरवा लिए। अब ये लोग बेघर हो गए हैं।

7 महीने पहले चंडोला तालाब से हटाए गए थे 3 हजार से ज्यादा निर्माण

बीते मई महीने में चंडोला तालाब किनारे हुई कार्रवाई का ड्रोन व्यू।

बीते मई महीने में चंडोला तालाब किनारे हुई कार्रवाई का ड्रोन व्यू।

इससे पहले मई महीने में अहमदाबाद के चंडोला तालाब क्षेत्र में मेगा डिमोलिशन की कार्रवाई हुई थी। यहां 3 हजार से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चला था। करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में लगातार 7 दिनों तक चली कार्रवाई में सैकड़ों बुलडोजर और डंपर लगाए गए थे।

गुजरात हाईकोर्ट ने स्टे की याचिका खारिज की हाईकोर्ट में इस मेगा डिमॉलिशन पर स्टे लगाने की याचिका दाखिल की गई थी। लेकिन, इस याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। यहां रहने वाले लोगों ने याचिका में कहा था कि कानूनी प्रक्रिया और नियमों का पालन किए बिना तोड़फोड़ की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया था कि यहां रहने वालों के बांग्लादेशी होने के ठोस सबूत नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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