आबकारी विभाग ने जोधपुर आबकारी निरीक्षक मनरूपा राम चौधरी एपीओ कर दिया है। वहीं पांच दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं उनका लाइसेंस अस्थाई रूप से निलंबित किया गया और उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय उदयपुर की सबसे ज्यादा आदेश में कहा- मनरूपा राम चौधरी आबकारी निरीक्षक, जोधपुर पश्चिम को प्रशासनिक कारणों से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) में रखा जाकर मुख्यालय प्रधान कार्यालय उदयपुर में किया जाता है। पांच मदिरा दुकानों के विरुद्ध दर्ज किए गए केस, लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित अवैध रूप से रात 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग, जोधपुर द्वारा बुधवार को कार्रवाई की गई है। जिला आबकारी अधिकारी डॉ. भवानी सिंह राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान रात्रि 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय किए जाने के आरोप में तीन शराब की दुकानों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो अन्य कम्पोजिट शराब दुकानों के विरुद्ध भी निर्धारित समयावधि के बाद शराब विक्रय करने पर कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए गए। इस प्रकार कुल पांच शराब दुकानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना के लिए 11 विशेष दल गठित जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन में पाए गए सभी पांच कम्पोजिट शराब दुकानों के लाइसेंसों को 4 जून से 8 जून, 2026 तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय के बाद शराब विक्रय को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 22 मई, 2026 को पारित आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए जिले में 11 विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया गया है। ये दल मदिरा दुकानों का नियमित निरीक्षण करेंगे तथा रात 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय पर शत-प्रतिशत रोक सुनिश्चित करेंगे। साथ ही दुकानों में आपातकालीन निकास, छोटी खिड़कियों या अन्य अनधिकृत माध्यमों से किए जाने वाले शराब विक्रय पर रोक लगाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
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