Sunday, May 17, 2026
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आयुष्मान कार्ड होने पर भी हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं,जानिए कौन सुविधाएं बाहर


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आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. लेकिन कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का इलाज मुफ्त हो जाता है. असल में इस योजना के तहत कुछ बीमारियां, टेस्ट और इलाज ऐसे भी हैं जो पूरी तरह कवर नहीं किए जाते.

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आयुष्मान कार्ड में हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं है. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है. इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से बचाना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. खासतौर पर गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह योजना बड़ी मदद देती है. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है. हालांकि योजना का दायरा बड़ा होने के बावजूद इसमें कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं, जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है.

OPD और सामान्य जांच का खर्च नहीं होता शामिल
बहुत से लोग सोचते हैं कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद डॉक्टर की हर विजिट मुफ्त हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. इस योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज को प्राथमिकता दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ डॉक्टर से सलाह लेने गया है और उसे भर्ती नहीं किया गया, तो उस OPD खर्च को योजना के तहत कवर नहीं किया जाता. इसी तरह केवल जांच कराने का खर्च भी योजना में शामिल नहीं होता, जब तक कि डॉक्टर भर्ती मरीज के इलाज के दौरान उन टेस्ट की सलाह न दें. यही वजह है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पता चलता है कि कुछ खर्च उन्हें खुद उठाने होंगे.

विटामिन, टॉनिक और सामान्य दवाओं पर नहीं मिलती राहत
आयुष्मान योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों और जरूरी इलाज में मदद देना है. इसलिए सामान्य कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य सुधार के लिए इस्तेमाल होने वाले विटामिन, टॉनिक और सप्लीमेंट्स का खर्च इसमें शामिल नहीं किया गया है. हालांकि अगर किसी गंभीर बीमारी या चोट के इलाज के दौरान डॉक्टर इन दवाओं को जरूरी बताते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना मुख्य रूप से जीवनरक्षक और अस्पताल आधारित इलाज के लिए बनाई गई है, इसलिए रोजमर्रा की सामान्य दवाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया.

दांतों के सामान्य इलाज और IVF जैसी सुविधाएं भी बाहर
योजना के तहत नियमित दांतों की सफाई, कैविटी भरने या सामान्य डेंटल चेकअप का खर्च भी नहीं मिलता. केवल गंभीर हादसे, जबड़े की चोट, ट्यूमर या सिस्ट जैसी गंभीर स्थितियों में डेंटल इलाज को कवर किया जाता है. इसके अलावा IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी से जुड़े इलाज और दूसरी Assisted Reproductive Technologies भी योजना के दायरे से बाहर हैं. कॉस्मेटिक सर्जरी, टैटू हटाना, वजन कम करने की सर्जरी और नेक लिफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी मुफ्त इलाज सूची में शामिल नहीं हैं. सरकार का मानना है कि योजना का फोकस जरूरी और गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं पर होना चाहिए, इसलिए सौंदर्य या वैकल्पिक प्रक्रियाओं को इसमें जगह नहीं दी गई.

हर व्यक्ति नहीं बनवा सकता आयुष्मान कार्ड
यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई है. इसी वजह से हर व्यक्ति इसके लिए पात्र नहीं होता. सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले लोग, ESIC सुविधा लेने वाले कर्मचारी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले वे लोग जिनका PF कटता है, आमतौर पर इस योजना के दायरे में नहीं आते. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इलाज शुरू कराने से पहले यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि कौन-सा खर्च योजना में शामिल है और कौन-सा नहीं. इससे बाद में आर्थिक परेशानी और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है. स्वास्थ्य योजनाओं के बढ़ते दायरे के बीच सही जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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