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Iran US Tensions: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने EAM डॉ. एस जयशंकर को फोन घुमाया है. तेहरान से यह फोन कॉल ऐसे वक्त आया है जब मिडिल ईस्ट एशिया में एक नया युद्ध छिड़ने की आहट है. अमेरिका के कतर स्थित मिलिट्री बेस खाली करने को ईरान पर हमले के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट के बीच भारत ने कूटनीतिक एंट्री ली है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को अचानक फोन किया. दोनों नेताओं के बीच ईरान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में बिगड़ते हालात पर गंभीर चर्चा हुई. यह फोन कॉल उस वक्त आई है जब इजरायल के हमले की खबरें चरम पर हैं. पूरी दुनिया अब इस बात का इंतजार कर रही है कि भारत इस संकट में क्या भूमिका निभाएगा. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस महत्वपूर्ण बातचीत की पुष्टि की है. एक दिन पहले ही, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी जयशंकर से फोन पर बात की थी.
क्या ईरान पर अमेरिका का हमला अब बस कुछ ही घंटों की बात है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री का विशेष विमान उड़ान भर चुका है और अमेरिकी सेना कतर छोड़ रही है. इन बड़े घटनाक्रमों के बीच ईरान का भारत को फोन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अराघची ने जयशंकर को क्षेत्र की बदलती सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया है. भारत हमेशा से ही इस क्षेत्र में शांति और कूटनीति का मुखर समर्थक रहा है.
Received a call from Iranian Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi. @araghchiWe discussed the evolving situation in and around Iran.

