उदयपुर में चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में जनरल कोच में बैठी एक महिला सहित तीन यात्री घायल हो गए। ट्रेन के कोच के कांच टूट गए। सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। घायलों का प्राथमिक इलाज करवाया। मामले में RPF ने दो बच्चों को डिटेन किया है। घटना असावरा (अहमदाबाद) से इंदौर के बीच चलने वाली ट्रेन 19316 वीरभूमि एक्सप्रेस में 13 जनवरी को शाम को हुई। उदयपुर में जयसमंद और जावर माइंस रेलवे स्टेशन के बीच सरसिया फाटक के पास ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। गुरुवार को घटना का वीडियो सामने आया है। इसमें कई यात्री बता रहे थे कि उनको चोट लगी है और ट्रेन में आए पत्थर भी बताए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन 13 जनवरी को शाम 6.33 बजे जयसमंद रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेन जावर माइंस स्टेशन पहुंचती, इससे पहले ही सरसिया फाटक के पास पत्थरबाजी हो गई। चलती ट्रेन पर रेलवे ट्रैक के आसपास से कुछ युवकों ने पत्थरबाजी की थी। दो नाबालिग डिटेन, मामला दर्ज
आरपीएफ उदयपुर के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया- घटना के संबंध में रेल अधिनियम की धारा 153, 147 में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। सब इंस्पेक्टर रविन्द्र सिंह और ASI बिशनलाल ने मुखबिर की सूचना पर दो नाबालिगों को डिटेन किया है। दोनों की उम्र 14 साल है। उनको बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उनको बाल सुधार गृह भेजने के आदेश हुए। पहले भी हो चुका पथराव
करीब दो साल पहले असारवा जा रही सुपरफास्ट ट्रेन पर डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के बलवाड़ा रेलवे फाटक के पास पथराव हुआ था। पत्थर ट्रेन की कई बोगियों पर लगे थे। एक बोगी का कांच टूट गया और पत्थर अंदर आकर गिरे थे। हालांकि कांच टूटने और पत्थर अंदर आकर गिरने से किसी को चोट नहीं आई। तीन साल पहले पटरियों को उड़ाने की हुई थी साजिश
उदयपुर-डूंगरपुर रेल लाइन पर जावर माइंस के पास नवंबर 2022 में पटरियों को उड़ाने की साजिश हुई थी। इसमें विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। बाद में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और एक नाबालिग को हिरासत में लिया था।
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