बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार अभियान में तेजी आ गई है। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को औरंगाबाद जिले के नबीनगर में जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा नबीनगर विधानसभा सीट के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जहां
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कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1:00 बजे नबीनगर के अनुग्रह नारायण स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे जदयू प्रत्याशी चेतन आनंद के पक्ष में लोगों से वोट करने की अपील करेंगे। चेतन आनंद, पूर्व सांसद आनंद मोहन और शिवहर की सांसद लवली आनंद के सुपुत्र हैं। वे पहले शिवहर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें नबीनगर से उम्मीदवार बनाया है।
नबीनगर में मुकाबला दिलचस्प
नबीनगर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह, जो लंबे समय से पार्टी में सक्रिय थे, टिकट वितरण से असंतुष्ट होकर अपने समर्थकों के साथ पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं टिकट के एक और दावेदार संजीव सिंह के भाई ने इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं।
मुख्यमंत्री की इस जनसभा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नबीनगर में एनडीए समर्थक कार्यकर्ताओं और जदयू पदाधिकारियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। स्टेडियम परिसर में हजारों की संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है।
नीतीश कुमार अपने भाषणों में सरकार की उपलब्धियों—सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार योजनाओं—का बखान करेंगे और पुनः राज्य में एनडीए सरकार बनाने की अपील करेंगे।
एक दिन पहले शनिवार को रफीगंज पहुंचे थे
1 दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रफीगंज पहुंचे थे। जहां आरबीआर खेल मैदान में रफीगंज विधानसभा से प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिंह के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला था।
लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औरंगाबाद जिले में पहुंचेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह सभा चेतन आनंद के पक्ष में कितना जनसमर्थन जुटा पाती है और नबीनगर की यह सीट किस दिशा में रुख करती है।
नबीनगर में चेतन आनंद का सीधा मुकाबला रजत के प्रत्याशी आमोद चंद्रवंशी से है। आमोद चंद्रवंशी चंद्रगढ़ पंचायत के मुखिया भी हैं। अपने चुनाव प्रचार के दौरान में लगातार चेतन आनंद को बाहरी तथा उनके पिता आनंद मोहन को दलित आईएएस का हत्यारा बताकर लोगों को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं।

