खिचड़ी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में दाल-चावल से बनी सादी-सी डिश की तस्वीर आती है, लेकिन क्या आपने कभी कटहल से बनी शाही खिचड़ी के बारे में सुना है? मुगल बादशाह जहांगीर की पसंदीदा बताई जाने वाली इस रेसिपी में कटहल और मूंग दाल के साथ बासमती चावल, साबुत मसालों, केसर और गुलाब जल का इस्तेमाल होता है. इस पुरानी रेसिपी को प्रियदर्शिनी शर्मा ने साझा किया है. उन्हें यह अपनी दादी की 1984 की कुकबुक में मिली. साधारण खिचड़ी से बिल्कुल अलग इसका अंदाज इसे खास बनाता है. अगर आप घर पर कुछ नया और पुराने दौर के स्वाद से जुड़ा पकवान बनाना चाहती हैं, तो इस रेसिपी को ट्राई कर सकती हैं. आइए जानते हैं इसकी रेसिपी…
कटहल खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
कच्चा कटहल – 1 किलो
बासमती चावल – 500 ग्राम
मूंग दाल – 500 ग्राम
अदरक का रस – जरूरत के अनुसार
काली मिर्च – स्वादानुसार
शाहजीरा – 1 बड़ा चम्मच
हरी इलायची – 4
दालचीनी – 1 टुकड़ा
जावित्री – 1 फांक
लौंग – 4
तेजपत्ता – 2
अमचूर पाउडर – 1 बड़ा चम्मच
क्रीम – 1 बड़ा चम्मच
गुलाब जल – 1 बड़ा चम्मच
केसर – कुछ धागे
घी – 1 बड़ा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
हल्दी और धनिया पाउडर – जरूरत के अनुसार
तलने और मसाले भूनने के लिए तेल
घर पर कैसे बनाएं शाही कटहल खिचड़ी?
1. सबसे पहले कटहल को उबालें
कच्चे कटहल को छोटे टुकड़ों में काट लें और पानी में उबालें. जब टुकड़े नरम हो जाएं, तो पानी निकालकर उन्हें कुछ देर सूखे कपड़े पर रख दें. कटहल में ज्यादा नमी रहने से तलते समय परेशानी हो सकती है, इसलिए इसे अच्छी तरह सुखाना जरूरी है.
2. मैरिनेट करें
अब कटहल में नमक, हल्दी, धनिया पाउडर और अमचूर पाउडर मिलाएं. इसमें थोड़ा अदरक का रस भी डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर के लिए रख दें, ताकि मसालों का स्वाद कटहल में अच्छी तरह समा जाए.
3. कटहल और साबुत मसालों को भूनें
एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें शाहजीरा, काली मिर्च, इलायची, दालचीनी, जावित्री, लौंग और तेजपत्ता डालें. मसालों से खुशबू आने लगे, तो उन्हें निकालकर अलग रख दें. अब इसी तेल में मसाले लगे कटहल के टुकड़ों को तलें. जब उनका रंग गहरा लाल-भूरा हो जाए, तो उन्हें भी निकालकर रख लें.
4. चावल और मूंग दाल को पकाएं
बासमती चावल और मूंग दाल को अच्छी तरह धो लें. अब एक बड़े बर्तन में घी गर्म करके दोनों को कुछ देर भूनें. जब हल्की खुशबू आने लगे, तो पानी डालकर उबाल आने दें. इसके बाद इसमें तले हुए कटहल और भुने हुए मसाले मिला दें. नमक का स्वाद जांचें और जरूरत के हिसाब से इसे कम या ज्यादा कर लें.
5. गुलाब जल और केसर से पूरा करें स्वाद
अब बर्तन को ढककर धीमी आंच पर पकने दें. चावल और दाल के नरम होने तक इसे पकाएं, ताकि सभी चीजें आपस में अच्छी तरह मिल जाएं. इस बीच केसर के कुछ धागों को गुलाब जल में भिगो दें. खिचड़ी पक जाने के बाद इसमें केसर वाला गुलाब जल और गाढ़ी मलाई डालें. ऊपर से थोड़ा घी डालकर गर्मागर्म परोसें.
साधारण खिचड़ी से कैसे अलग है यह रेसिपी?
कटहल की खास बनावट और साबुत मसालों की खुशबू इस खिचड़ी को रोज बनने वाली दाल-चावल की खिचड़ी से अलग बनाती है. वहीं, केसर और गुलाब जल इसमें हल्की फूलों जैसी खुशबू जोड़ते हैं. मूंग दाल और बासमती चावल के साथ तैयार होने वाली यह डिश उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो पारंपरिक खाने में कुछ नया आजमाना चाहते हैं. इसे घर पर बनाकर शाही अंदाज वाले स्वाद का अनुभव लिया जा सकता है. (The Hindu से इनपुट के साथ)

