हरदा में मंगलवार को कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में महिला कांग्रेस और एनएसयूआई ने जोरदार प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सांकेतिक पुतले को लोहे की जंजीरों और बेड़ियों से बांधकर भाजपा कार्यालय तक ले जाया गया। भाजपा कार्यालय के घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी भी हुई तथा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को महिला कांग्रेस और एनएसयूआई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में सभा की और चुनाव आयोग तथा भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। चुनाव आयुक्त के पुतले को जंजीरों में बांधा प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सांकेतिक पुतले को लोहे की जंजीरों से बांध दिया। पुतले के दोनों हाथों में जंजीरें बांधी गईं, जबकि उसके पैरों में स्केटिंग लगाकर उसे पूरे रास्ते भाजपा कार्यालय तक ले जाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनाव आयोग की कथित निष्पक्षता पर सवाल उठाने का प्रतीक बताया। भाजपा कार्यालय घेराव की थी तैयारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले से भाजपा कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भाजपा कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेड लगाए गए थे और 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। पुलिस ने रोका, कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर गए जब प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेड पर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और बैरिकेड पार कर भाजपा कार्यालय के सामने पहुंच गए। इसके बाद वहां जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। सड़क पर बैठकर किया विरोध भाजपा कार्यालय के सामने पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान काफी देर तक नारेबाजी होती रही। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा। प्रदर्शनकारी लगातार चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नारे लगाते रहे। चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमिला ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन सुनियोजित तरीके से निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था भी दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र और संविधान पर आघात बताया कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। भाजपा पर साधा निशाना जिला प्रभारी रचना जैन ने कहा कि पहले जनादेश की अनदेखी की गई, फिर विपक्षी विधायकों को तोड़ने के प्रयास किए गए और जब उसमें सफलता नहीं मिली तो कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में उसका पालन नहीं करती। महिला सशक्तिकरण को लेकर भी उठाए सवाल रचना जैन ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन एक आदिवासी महिला को राज्यसभा तक पहुंचने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सत्ता पक्ष का दोहरा रवैया बताया और कहा कि इससे महिलाओं के प्रति उसकी सोच उजागर होती है। प्रदर्शन के बाद लौटे कार्यकर्ता काफी देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के सांकेतिक पुतले को भाजपा कार्यालय के बाहर छोड़ दिया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वहां से रवाना हो गए। उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और इसी क्रम में हरदा में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
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कांग्रेस ने मुख्यचुनाव आयुक्त के पुतले को बेड़ियों में बांधा: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर हरदा में प्रदर्शन – Harda News
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