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How dangerous is bird strike on airplane: इंडिगो के विमान को रांची में एक पक्षी से टकराने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. कितनी खतरनाक होती है ये बर्ड स्ट्राइक और इससे विमान को किस तरह के नुकसान होते हैं आइए…और पढ़ें
बर्ड स्ट्राइक के कारण इंजन की खराबी या विमान के कंट्रोल खोने की घटनाएं बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं.
हाइलाइट्स
- पक्षी से टकराने के बाद इंडिगो विमान की रांची में इमरजेंसी लैंडिंग हुई
- पक्षी टकराने से विमान को गंभीर नुकसान हो सकता है
- बर्ड स्ट्राइक से हर साल 1.2 बिलियन डॉलर का नुकसान होता है
How dangerous is bird strike on airplane: रांची जा रहे इंडिगो के विमान को एक पक्षी के टकराने के बाद शहर के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी. यह घटना सोमवार को दोपहर 1.14 बजे हुई, जब विमान करीब 3,000 से 4,000 फीट की ऊंचाई पर एक गिद्ध टकराया. अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, जबकि एयरबस 320 को नुकसान पहुंचा है. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक आरआर मौर्य ने पुष्टि की, “एक गिद्ध के टकराने के बाद विमान में गड्ढा हो गया. इंजीनियर नुकसान का आकलन कर रहे हैं.” विमान ने पटना से उड़ान भरी थी और इसे रांची में रुकने के बाद कोलकाता के लिए रवाना होना था.
बर्ड स्ट्राइक कमेटी यूएसए के अनुसार अगर कोई पांच किलोग्राम वजन का पक्षी 150 मील प्रति घंटे की स्पीड से उड़ान भर रहे विमान से टकराता है. तो वह 10 फीट की ऊंचाई से गिराए गए 1,000 पाउंड वजन के बराबर फोर्स पैदा करता है. कमेटी का मानना है कि बड़े विमान से अगर डेढ़-दो किग्रा वजन वाला कोई पक्षी भी टकरा जाए तो उड़ान भरने से पहले उसकी जांच कर उसे फिट प्रमाणित किया जाता है. विमान और पक्षी की गति में जितना ज्यादा अंतर होगा, विमान पर पड़ने वाला फोर्स उतना ही ज्यादा होगा. पक्षी का वजन भी एक वजह है, लेकिन स्पीड का अंतर उससे कहीं ज्यादा बड़ी वजह है. पक्षियों के झुंड और भी अधिक खतरनाक होते हैं.
इंडियाना के पर्ड्यू विश्वविद्यालय में एविएशन टेक्नॉलॉजी पढ़ाने वाले प्रोफेसर का कहना है कि पक्षी विमान के लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं. विशेष रूप से उड़ान भरने के बाद पहले कई हजार फीट की ऊंचाई पर जहां पक्षी उड़ रहे होते हैं. उन्होंने कहा, “जाहिर है सारस या कोई अन्य बड़ा पक्षी एक छोटे पक्षी की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक होगा. जिस गति से दोनों चलते हैं उससे पक्षी इंजन में फंस सकता है. इंजन एक बड़े प्रभाव को झेलने के लिए बहुत नाजुक होता है. यह बस इंजन को बंद कर देता है.” उन्होंने बताया, “जेट इंजन के शुरुआती चरण में बहुत सारे कंप्रेसर ब्लेड होते हैं. वे बहुत बड़े नहीं होते और उन्हें बहुत आसानी से नुकसान पहुंचाया जा सकता है. अगर उनमें से एक भी टूट जाए तो एक ब्लेड इंजन के बाकी हिस्से में घुस जाएगा और यह इंजन के लिए छर्रे की तरह होगा.”
हवाई अड्डे विमानों को पक्षियों से सुरक्षित रखने के लिए कई सावधानियां बरतते हैं. उदाहरण के लिए वे अक्सर आस-पास बहुत सारे पेड़ नहीं लगाते हैं, क्योंकि ये पक्षियों के घोंसले के क्षेत्र होते हैं. बर्ड स्ट्राइक कमेटी यूएसए के अनुसार पक्षियों के विमान से टकराने से दुनिया भर में हर साल 1.2 बिलियन डॉलर (लगभग 103 अरब रुपये) का नुकसान होता है. सिंपल फ्लाइंग ने बताया हर दिन विमान से पक्षियों के टकराने की औसतन 34 घटनाएं सामने आती हैं.
कितना होता है नुकसान
बर्ड स्ट्राइक से विमान के इंजनों, पंखों, विंडशील्ड और बॉडी को नुकसान हो सकता है. इसकी वजह से मरम्मत और रखरखाव की लागत बढ़ती है. रॉबिन रडार सिस्टम का अनुमान है कि हर बर्ड स्ट्राइक के बाद विमान पर औसतन लगभग 39,700 डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. 1988 से 2019 के बीच पक्षियों के टकराने से दुनिया भर में 270 से ज्यादा विमान नष्ट हो गए. वहीं, पक्षियों के टकराने से 1988 से 2023 तक 491 से अधिक लोग विमान हादसों में मारे गए हैं.

