सिस्टम सो रहा है। फोटो : महेन्द्र शर्मा
कोरोना के नए वैरिएंट की दस्तक के बाद भी राजधानी के अस्पताल तैयार नहीं हैं। बुधवार को सिर्फ जयपुर में 14 मामले सामने आने के बाद भी मेडिकल विभाग कुंभकर्णी नींद में है। अस्पतालों ने लापरवाही की दर पार कर दी है। निजी अस्पतालों में न तो जांच सुविधा और ना
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भास्कर ने राजधानी के 30 से अधिक अस्पतालों में कोरोना मरीज की जांच और भर्ती करने की प्रक्रिया काे लेकर फोन किए तो अधिकांश ने कोविड पॉजिटिव काे भर्ती करने से मना कर दिया। सभी ने एसएमएस अस्पताल ले जाने की सलाह दी। हालांकि विशेषज्ञों ने कोविड को बड़ा खतरा नहीं बताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार सब वैरिएंट LF.7 और NB.1.8.1 लोगों के बीच फैल रहा है। दोनों ही कोरोना के JN.1 वैरिएंट में बदलाव से बने हैं, जो चिंताजनक नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है।
“कोरोना वायरस खतरनाक नहीं है। केन्द्र सरकार की ओर से जो भी निर्देश मिल रहे, उसकी पालना की जा रही है।”
-डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक (जन स्वास्थ्य), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
“सरकार की ओर से कोविड गाइडलाइन जारी की गई है। इन गाइडलाइन की सरकारी और प्राइवेट सभी अस्पतालों को पालना करनी है। अगर कोई अस्पताल सरकार की गाइड लाइन की पालना नहीं कर रहा है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट सहित अन्य अस्पतालों में इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।” -डॉ. रवि शेखावत, सीएमएचओ-प्रथम
चिकित्सा विभाग की एडवाइजरी
- अस्पतालों में कोविड संक्रमित के लिए आउटडोर, अलग से वार्ड और जांच उपलब्ध करवाना है।
- गंभीर मरीजों के लिए जीवन रक्षक उपकरणों के साथ आईसीयू तैयार रखना है।
- भीड़ रोकें, स्वस्थ लोगों को संक्रमित से दूर रखें। मास्क लगाकर रखें।
5 अस्पतालों ने इलाज की हामी भरी
1. मानसरोवर के मेट्रो मास हॉस्पिटल में रिसेप्शन से फोन मेडिकल इमरजेंसी में ट्रांसफर किया गया। वहां मौजूद जितेंद्र कुमार ने कहा कि आप आ सकते हैं, लेकिन सभी प्रकार की जांच हॉस्पिटल में करने के बाद ही तय होगा कि मरीज कोविड पॉजिटिव है या नहीं।
2. विद्याधर नगर मणिपाल हॉस्पिटल में कहा कि जांच रिपोर्ट लेकर आ जाओ। स्टाफ धर्मेंद्र डूडी ने कहा- भर्ती कर लेंगे।
3. मालवीय नगर अपेक्स के मेडिकल आईसीयू स्टाफ फारुख ने मरीज को तुरंत हॉस्पिटल लाने को कहा। कुछ देर बाद हॉस्पिटल से मोहन कुमार का भी फोन आया और पेशेंट के बारे में जानकारी ली।
4. न्यू सांगानेर रोड स्थित संजीवनी अस्पताल में कोविड मरीज को भर्ती करने की सहमति दे दी।
5. मानसरोवर के साकेत अस्पताल ने कहा कि रिपोर्ट साथ लेकर आएं मरीज को भर्ती कर लेंगे।
बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े किए; फोन ट्रांसफर करते रहे; जवाब- कोविड मरीज भर्ती नहीं करते
- दुर्लभजी अस्पताल; अस्पताल के लैंडलाइन 3524444 पर फोन किया, जिसे इमरजेंसी में ट्रांसफर कर दिया। डॉ. महेश बोले- डॉ. संजय सोगानी से बात करके ही कोविड मरीज काे भर्ती करेंगे। डॉ. सोगानी के मोबाइल पर बात की तो बोले- इमरजेंसी में बात करो, वही तय करेंगे।
- महात्मा गांधी अस्पताल; फोन कर कोविड पॉजिटिव मरीज काे भर्ती करने के बारे में बताया तो इमरजेंसी में फोन ट्रांसफर कर दिया गया। वहां धनराज फोन उठाकर बोला- अभी सीएमओ डॉ. कनुप्रिया नहीं हैं, 15 मिनट बाद फोन लगाना। दोबारा फोन किया ताे बोले- कोविड मरीज काे भर्ती नहीं कर रहे हैं। एसएमएस अस्पताल ले जाओ।
- ईएचसीसी अस्पताल; दोपहर एक बजे लैंडलाइन 5174000 पर फोन किया तो नर्सिंग स्टाफ ओमप्रकाश ने डॉक्टर से बात कराई। उन्होंने कहा- आईसीयू की जरूरत पड़ेगी। फिर कहा- अस्पताल कोविड पॉजिटिव मरीजों काे भर्ती नहीं कर रहा है। कहीं और ले जाओ।
- जेएनयू हॉस्पिटल जगतपुरा; स्टाफ बोला- हमारे यहां जांच की सुविधा नहीं है। पहले कहीं जांच करा लें, उसके बाद रिपोर्ट के आधार पर तय करेंगे। भर्ती कराने के संबंध में डॉ. मेहता से बात कर सकते हैं।
- फोर्टिस हॉस्पिटल, जेएलएन मार्ग; कोविड का नाम सुनते ही रिसेप्शन पर फोन होल्ड रख दिया। ऐसा दो बार किया। कोई जवाब नहीं दिया।
- नारायणा हॉस्पिटल, प्रताप नगर; हमारे पास अलग ओपीडी नहीं है। आरयूएचएस में भर्ती करा सकते हो।
- मंगलम मेडिप्लस, मानसरोवर; डॉ. दीपेन्द्र भटनागर बोले- कोविड मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे। एसएमएस ले जाओ।
- अमर जैन अस्पताल; चौड़ा रास्ता में फोन करने पर अरुण जैन ने बताया कि कोविड वार्ड अभी नहीं बनाया है। एसएमएस ले जाएं।
- दाना शिवम हॉस्पिटल, विद्याधर नगर; अभी कोविड मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। कोई मरीज पॉजिटिव मिलेगा तो उसके लिए अलग कमरा तैयार है।
- शेखावाटी अस्पताल, विद्याधर नगर; फोन होल्ड पर रख दिया। मामला सीरियस बताया और रिक्वेस्ट की तो बोले- डॉक्टर से बात करके आपको फोन करेंगे, फोन नहीं आया।
- दीप अस्पताल, झोटवाड़ा; कोविड मरीज भर्ती नहीं कर रहे। मैनेजर से बात करने को कहा। उन्होंने राम सिंह के नंबर दिए।
- सीकेएस अस्पताल, सीकर रोड; फोन उठाते ही मना किया कि कोविड मरीज भर्ती नहीं कर रहे।
- जीवन रेखा प्रकाश हॉस्पिटल, प्रताप नगर; पहली बार सही जवाब नहीं मिला। दूसरी बार मेडिकल आईसीयू में फोन ट्रांसफर कर दिया गया। मेडिकल स्टाफ कुलदीप ने डॉक्टर से बात करने के बाद कहा कि एसएमएस हॉस्पिटल ले जाएं।
- सीके बिरला हॉस्पिटल, गोपालपुरा; जनरल फिजिशियन से बात करके बताने को कहा। बाद में कोविड मरीज लेने से मना कर दिया।
- राजस्थान हॉस्पिटल; स्टाफ शाहजान ने पहले मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह का नाम लिया तो बोले- पहले रिपोर्ट दिखाएं। मरीज की हालत भर्ती करने की होगी तो भर्ती कर लेंगे।

