Wednesday, January 14, 2026
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क्या आपने कभी खाया है बाजरे की रोटी और स्वादिष्ट सोया का साग? जानें इस पौष्टिक व्यंजन के फायदे और रेसिपी


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Soya Saag Recipe: राजस्थान की पारंपरिक रसोई और आयुर्वेद में सोया का साग अपने औषधीय गुणों और पाचन सुधारक विशेषताओं के लिए खास माना जाता है. यह हरा-भरा साग स्वाद के साथ शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखता है. गैस, अपच, भारीपन और प्रसव के बाद कमजोरी में यह लाभकारी है. इसमें विटामिन C, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं. नियमित सेवन से पाचन बेहतर होता है, शरीर की ऊर्जा बढ़ती है और त्वचा, हड्डियां और इम्यून सिस्टम मजबूत बने रहते हैं.

राजस्थान की पारंपरिक रसोई हो या आयुर्वेदिक चिकित्सा, सोया का साग अपने अनोखे औषधीय गुणों और पाचन सुधारक विशेषताओं के लिए हमेशा खास स्थान रखता है. बारीक पत्तियों वाला यह हरा-भरा साग न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखता है. यह साग रोटी, बाजरे की रोटी, चावल, दलिया या खिचड़ी के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और पौष्टिकता दोगुनी हो जाती है. नियमित सेवन से शरीर की ऊर्जा और पाचन क्षमता में सुधार आता है और सेहत बनी रहती है.

सोया का साग

सोया का साग अपनी अनोखी खुशबू, पाचक गुणों और विटामिन से भरपूर बनावट के कारण बेहद खास माना जाता है. आयुर्वेद में इसे उष्ण (गर्म) और लघु गुणों वाला बताया गया है. गैस, पेट फूलना और कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह घरेलू औषधि किसी वरदान से कम नहीं है. इसके नियमित सेवन से डाइजेशन सुधरता है, भारीपन और गैस की समस्या कम होती है. साथ ही प्रसव के बाद कमजोरी और शरीर की थकान में भी सोया का साग बेहद मददगार माना जाता है.

सोया का साग

सोया का साग सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजू चौधरी के अनुसार सोया साग का नियमित सेवन गैस और ब्लोटिंग कम करने में मदद करता है. इसमें मौजूद वातहर यौगिक पेट की गैस, अपच और भारीपन को दूर करने में असरदार होते हैं. साथ ही यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन जल्दी पचता है. इसके उष्ण गुण शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं और पाचन प्रक्रिया को सुधारते हैं.

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सोया का साग

सोया का साग प्रसव के बाद की रिकवरी में बेहद लाभकारी माना जाता है. यह गर्भाशय को मजबूत बनाने में मदद करता है और माँ के शरीर को आवश्यक पोषण देता है. इसका सेवन महिलाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद होता है क्योंकि यह विटामिन C, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. नियमित रूप से सोया साग खाने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, कमजोरी दूर होती है और अंदर से स्वास्थ्य मजबूत रहता है. साथ ही यह पाचन और हड्डियों के लिए भी अच्छा माना जाता है.

सोया का साग

यह रेसिपी हल्की, सुगंधित और पेट के लिए फायदेमंद मानी जाती है. सोया का साग अक्सर आलू के साथ बनाया जाता है. ग्रामीण लता जी ने इसकी सबसे आसान रेसिपी साझा की है. सबसे पहले साग बनाने के लिए आवश्यक सामग्री तैयार करें. इसमें एक बड़ी कटोरी सोया, दो मध्यम आकार के आलू, एक से दो चम्मच तेल, आधा चम्मच जीरा, आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च, एक चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक और तीन से चार कटी हुई लहसुन कलियां शामिल हैं. इन सामग्रियों से स्वादिष्ट और पौष्टिक साग तैयार किया जा सकता है.

सोया का साग

सबसे पहले सोया के पत्तों को अच्छे से धोकर बारीक काट लें. ध्यान रखें कि मोटी डंडियां हटा दें, क्योंकि उनमें स्वाद कम होता है. फिर कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और जीरा डालें. अगर पसंद हो तो लहसुन हल्का सा भूनें, इससे खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ते हैं. अब हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालकर हल्का सा भूनें. फिर आलू को मसालों में अच्छी तरह मिलाएँ और 2–3 मिनट भूनें ताकि हल्की परत चढ़ जाए. अब कटे हुए सोया को डालें, नमक मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें. सोया पकते ही अपना पानी छोड़ देता है, इसलिए पानी डालने की जरूरत नहीं है. अब ढककर 10–12 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं, बीच-बीच में चलाते रहें. जब आलू नरम और सोया पूरी तरह गल जाए, तब गैस बंद कर दें.

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