फलोदी स्थित खीचन के चुग्गाघर में इस सीजन में पहली बार विदेशी पक्षी कुरजां का जत्था उतरा। हालांकि, इस बार चुग्गाघर में झाड़ियों की सफाई न होने के कारण कुरजां के आने में देरी हुई है।
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एसडीएम पूजा चौधरी ने हाल ही में खीचन पहुंचकर चुग्गाघर में सफाई कार्य का निरीक्षण किया था। अब सफाई काम लगभग पूरा हो चुका है। एसडीएम ने उन तालाबों का भी निरीक्षण किया जहां कुरजां का पड़ाव रहता है और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वो करीब एक घंटे तक खीचन में रुकीं और उन जगहों का जायजा लिया जहां से पर्यटक कुरजां को देखते हैं।
कुरजां के आगमन में देरी को लेकर पक्षी प्रेमियों ने चिंता जताई थी। पक्षी विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि अगर पड़ाव वाली जगहों पर समय पर सफाई नहीं हुई तो कुरजां दूसरी जगहों का रुख कर सकती हैं। कुरजां के कारण ही खीचन को वैश्विक पहचान मिली है और सरकार ने इसे रामसर साइट घोषित किया है। इससे खीचन का महत्व बढ़ा है और सरकार का ध्यान भी इस तरफ खींचा है।
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि कुरजां का पहला दल खसरा नंबर 170 में उतरा। इसके अतिरिक्त, पक्षी चुग्गाघर, रातरी नाड़ी और विजय सागर तालाब पर भी कुरजां के दल देखे गए। आज से कुरजां ने सभी प्रमुख स्थलों पर उतरना शुरू कर दिया है, हालांकि तालाबों पर कुछ दिनों से इनकी संख्या कम थी, लेकिन आज इसमें उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
पिछले वर्षों में कुरजां के आगमन की तारीख इस प्रकार रही हैं, 28 अगस्त 2021, 11 सितंबर 2022, 17 सितंबर 2023, 27 सितंबर 2024। इस वर्ष 28 सितंबर को कुरजां का आगमन हुआ है।

