काशी नगरी एक बार फिर आस्था, भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगने जा रही है। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भव्य दृश्य एक बार फिर दशाश्वमेध घाट पर देखने को मिलेगी। विभिन्न गंगा घाटों पर मां गंगा के पूजन, दीप सज्जा और महाआरती के आयोजन होंगे। इस आयोजन में उपर
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गंगा दशहरा उत्सव की शुरुआत सुबह से
पांच जून को प्रातः से ही आयोजन प्रारंभ होंगे। श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत गंगा पूजन का आयोजन होगा। इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा देव दीपावली की तर्ज पर विशेष गंगा पूजन और महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
11 ब्राह्मणों द्वारा महाआरती, 21 कन्याएं करेंगी चंवर सेवा
गंगा सेवा निधि की महाआरती में 11 विद्वान ब्राह्मण मां गंगा की महाआरती करेंगे, जबकि 21 कन्याएं रिद्धि-सिद्धि स्वरूप चंवर डुलाएंगी। महाआरती से पूर्व षोडशोपचार विधि से पूजन होगा और 51 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। दशाश्वमेध घाट से लेकर सभी घाटों को दीपों से सजाया जाएगा। अष्टधातु की 108 किलो वजनी मां गंगा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु स्थापित की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला रात 11:30 बजे तक जारी रहेगी।
अस्सी घाट पर माता को चढ़ाई जायेगी चुनरी लगेगा 56 प्रकार का भोग
वाराणसी के अस्सी घाट पर गंगा दशहरा के दिन भव्य आयोजन किया गया है इस दिन सुबह माता को चुनरी चढ़ाई जाएगी। जिसके लिए करीब 5000 साड़ियां बनारस सहित आसपास के जनपदों से आया है। इसके अलावा शाम को गंगा आरती के बाद माता को 56 प्रकार का भोग अर्पित किया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार अपने गीतों से माहौल को भक्तिमय बना देंगे। आयोजक श्रवण मिश्रा ने बताया कि इस दिन प्रभु राम लाल के द्वितीय तल पर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है उसे उपलक्ष्य में प्रभु राम की भव्य रंगोली भी अस्सी घाट पर बनाई जाएगी।

