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PDUSU Degree Controversy: सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी ने योग और पत्रकारिता के स्टूडेंट्स को ‘लॉ डिपार्टमेंट’ की डिग्री थमा दी. इस बड़ी लापरवाही से स्टूडेंट्स का भविष्य संकट में है. यूनिवर्सिटी ने इसे तकनीकी गलती बताकर सुधारने का भरोसा दिया है. जानिए पूरा मामला.
PDUSU Degree Controversy: सीकर यूनिवर्सिटी का डिग्री कांड चर्चा में है
नई दिल्ली (PDUSU Degree Controversy). किसी भी स्टूडेंट के लिए उसकी डिग्री सबसे कीमती होती है. जरा सोचिए कि आप 3 साल तक किसी कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं और डिग्री किसी दूसरे कोर्स की पकड़ा दी जाए, जिसकी ए, बी, सी, डी तक नहीं मालूम. राजस्थान की एक यूनिवर्सिटी में ऐसा ही मामला सामने आया है. योग के आसन और पत्रकारिता की बारीकियां समझने वालों को डिग्री मिली कानून विभाग की. यह मामला है राजस्थान के सीकर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय (PDUSU) की.
दीन दयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय के इस कारनामे ने सैकड़ों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक दिया है. विश्वविद्यालय की इस भारी लापरवाही से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है. योग और पत्रकारिता जैसे विषयों की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स जब डिग्री लेने पहुंचे तो उनके होश उड़ गए. कड़ी मेहनत के बाद मिली सफलता का जश्न चिंता में बदल गया, जब उन्होंने देखा कि उनकी मेहनत पर कानून की डिग्री का ठप्पा लगा दिया गया है. यह सिर्फ टाइपिंग मिस्टेक नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के सिस्टम की बड़ी चूक है.
योग सीखा, पत्रकार बने… लेकिन डिग्री मिली वकील वाली!
प्रशासन ने टेक्नोलॉजी पर डाला दोष
इस गड़बड़ी के सामने आते ही विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा शुरू हो गया. स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर वे इस डिग्री को लेकर कहीं नौकरी के लिए जाते हैं तो उन्हें फर्जी घोषित कर दिया जाएगा. दूसरी तरफ, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे तकनीकी खामी और प्रिंटिंग एरर बताया है. अधिकारियों का कहना है कि डेटा फीडिंग या प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से पत्रकारिता और योग के स्टूडेंट्स की फाइल लॉ डिपार्टमेंट के फॉर्मेट में प्रिंट हो गई.
स्टूडेंट्स की बढ़ी मुसीबत
यूनिवर्सिटी की डिग्री किसी भी स्टूडेंट के करियर का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है. इस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स का तर्क है कि इस गलती की वजह से उनकी आगे की पढ़ाई और सरकारी नौकरियों के आवेदन में देरी होगी. कई स्टूडेंट्स ने तो अन्य संस्थानों में एडमिशन के लिए अपनी डिग्रियां जमा भी कर दी थीं, जिन्हें अब वापस लेकर सुधारवाना पड़ेगा. यह न केवल मानसिक तनाव है बल्कि स्टूडेंट्स के समय और पैसे की बर्बादी भी है.
अब आगे क्या होगा?
सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि सभी प्रभावित स्टूडेंट्स को नई और सही डिग्रियां जारी की जाएंगी. सभी स्टूडेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी गलत डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफिस में सरेंडर करें, जिससे उन्हें संशोधित सर्टिफिकेट मिल सके. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, इसे लेकर स्टूडेंट्स अभी भी असमंजस में हैं.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें

