Monday, June 1, 2026
Homeराज्यमहाराष्ट्रगायिका सुमन कल्याणपुर का निधन: आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे-ना...

गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन: आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे-ना ना करते प्यार जैसे 11 भाषाओं में गाए 3000 से ज्यादा गाने, लता से हुई तुलना




गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम को मुंबई में 89 की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स में मौत की वजह उम्र से जुड़ी दिक्कतें बताई जा रही हैं। उनकी करीबी दोस्त मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन ने रात करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाए हुए गाने सुन रही थीं। उन्होंने बहुत शांति से दुनिया को अलविदा कहा। उनका अंतिम संस्कार सोमवार सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच पवनहंस श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी बेटी चारू हैं। सुमन को 2023 में पद्मभूषण सम्मान मिला था। सुमन की आवाज की तुलना अक्सर लता मंगेशकर की आवाज से होती थी। फिल्मफेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 11 भाषाओं में 3000 से ज्यादा फिल्मी-नॉन फिल्मी गाने गाए। 1960 और 1970 के दशक में खास पहचान बनाई सुमन कल्याणपुर ने 1960 और 1970 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से संगीत जगत में एक खास पहचान बनाई थी। उस दौर में लता मंगेशकर जैसी महान गायिका के रहते हुए भी उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई। उनके गाए ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गाने आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, असमी, कन्नड़, बंगाली और ओडिया समेत कई भाषाओं में गाने गाए। हालांकि लोग अक्सर उनकी आवाज की तुलना लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन सुमन हमेशा इस तुलना को खारिज करती थीं। साल 2022 के एक इंटरव्यू में उन्होंने लता को अपना बेहद करीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि उनसे मिलना हमेशा एक सहेली से मिलने जैसा अहसास कराता था। लता मंगेशकर से मिलती थी आवाज सुमन कल्याणपुर की आवाज लता मंगेशकर से मिलती थी। दोनों के गाने का अंदाज और सुरों पर पकड़ एक जैसी मानी जाती थी। कई बार लोग उनकी और लता की आवाज के बीच धोखा खा जाते थे। इसी खूबी की वजह से जब 1960 के दशक में लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच विवाद हुआ तो सुमन कल्याणपुर संगीतकारों की पसंद बनीं और उन्होंने रफी साहब के साथ एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने गाए। इस पर बात करते हुए सुमन कल्याणपुर ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं उनसे बहुत प्रभावित थी। कॉलेज के दिनों में मैं उनके गाने सुनती थी। मेरी आवाज पतली और नाजुक थी, मैं क्या कर सकती थी। शुरुआत में रेडियो सेलोन, मेरे गानों को बिना नाम के चलाते थे, जिससे लोगों को ज्यादा भ्रम होता था। कभी-कभी मेरे रिकॉर्ड्स में नाम भी गलत लिखा होता था। एक समय जब एचएमवी ने 50 बेस्ट गानों की रिकॉर्डिंग जारी की, तो उसमें सबसे ज्यादा गाने सुमन के डाले गए। जबकि कैसेट के कवर में सिर्फ मोहम्मद रफी, तलत महमूद और किशोर कुमार की तस्वीर लगाई गई थी। दावाः ऐ मेरे वतन के लोगों गाने की पहली पसंद थीं सुमन, आखिरी वक्त में छीना गया सालों पहले नांदेड़ में आयोजित आषाढी महोत्सव के दौरान सुमन कल्याणपुर ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि मशहूर गाना ऐ मेरे वतन के लोगों, उनके लिए लिखा गया था। वो ये गाना तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सामने गाने वाली थीं। उन्होंने गाने की प्रैक्टिस भी कर ली थी, लेकिन परफॉर्मेंस से ठीक पहले, वो गाना लता मंगेशकर को दे दिया गया। इंटरव्यू में सुमन ने कहा था, जब मैं कार्यक्रम के दौरान गाना गाने के लिए मंच के पास पहुंची तो मुझे रोका गया और कहा गया कि मैं इस गाने की बजाय दूसरा गाना गाऊं। ऐ मेरे वतन लोगों मुझसे छीन लिया गया था यह मेरे लिए बड़ा सदमा था। वह बात आज भी चूभती है। अमीन सयानी को 45 साल इंतजार कराया जाने-माने रेडियो अनाउंसर अमीन सयानी 45 सालों तक सुमन से एक इंटरव्यू के लिए समय मांगते रहे, लेकिन सुमन हर बार टाल जाती थीं। आखिर 45 साल के बाद अमीन सयानी का इंतजार 2005 में खत्म हुआ, जब सुमन एक घंटे के इंटरव्यू के लिए राजी हुईं । हालांकि उन्होंने इंटरव्यू की मंजूरी सिर्फ इस शर्त पर दी कि कोई उनकी फोटो नहीं खींचेगा और अगर कोई सवाल उन्हें असहज लगा तो वो उसका जवाब नहीं देंगी। पड़ोसी ने पिता से संगीत सिखाने को कहा सुमन का रुझान बचपन से ही पेंटिंग और म्यूजिक की तरफ था। उन्होंने आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया। वे पेंटर बनना चाहती थीं, लेकिन सुमन की आवाज को उनके पड़ोसी और पिता के दोस्त पंडित केशव राव भोले ने परख लिया था। उन्होंने सुमन के पिता से संगीत सिखाने की बात कही। पहले तो सुमन शौकिया ही संगीत सीख रहीं थीं, लेकिन समय के साथ इसमें उनकी रुचि बढ़ने लगी और वो गंभीरता से सीखने लगीं। सुमन ने उस्ताद खान अब्दुल रहमान खान और मास्टर नवरंग जैसे दिग्गजों से भी संगीत की बारीकियां सीखीं। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… एक्टर अजित कुमार की मां का निधन:सीएम विजय और तृषा कृष्णन ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि एक्टर अजित कुमार की मां मोहिनी मणि का शनिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 साल की थीं और लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments