Saturday, April 11, 2026
Homeराज्यउत्तरप्रदेशगोरखपुर में बालिका समृद्धि अभियान में छात्राओं की हुई जांच: CMO...

गोरखपुर में बालिका समृद्धि अभियान में छात्राओं की हुई जांच: CMO ने एनीमिया-पोषण पर दी जानकारी, जारी किए पिंक कार्ड जूनियर – Gorakhpur News




गोरखपुर में चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बालिका समृद्धि अभियान के तहत छात्राओं की व्यवस्थित स्वास्थ्य जांच की गई और ‘पिंक कार्ड जूनियर’ का लोकार्पण किया गया। एम्स गोरखपुर की एकेडमिक डीन डॉ महिमा मित्तल और CMO डॉ राजेश झा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान आरबीएसके (RBSK) टीम ने छात्राओं की नेत्र जांच, हीमोग्लोबिन लेवल, शुगर जांच और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच से प्राप्त आंकड़े ‘पिंक कार्ड जूनियर’ में दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कार्ड का उद्देश्य बालिकाओं में एनीमिया, कुपोषण और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। एनीमिया और पोषण पर जागरूकता सत्र
मुख्य अतिथि डॉ महिमा मित्तल ने छात्राओं को एनीमिया से बचाव के उपाय, संतुलित एवं पौष्टिक आहार के तत्व, स्वच्छता व्यवहार और मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हेल्थ कार्ड छात्रों के स्वास्थ्य प्रोफाइल को सुव्यवस्थित करेगा और समय-समय पर होने वाली जांच को सरल बनाएगा। CMO डॉ राजेश झा ने पिंक कार्ड जूनियर के उपयोग और प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता होगी, वहां पोषण स्तर और स्वास्थ्य सूचकांक की मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर स्वच्छ जीवनशैली, पोषण और किशोरी स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। सेनेटरी नैपकिन वितरण और व्यवहारिक जानकारी
स्वास्थ्य जांच के साथ छात्राओं के बीच सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। विभागीय टीम ने मासिक धर्म स्वच्छता के दौरान अपनाए जाने वाले व्यवहारिक उपायों पर छात्रों को जानकारी दी, ताकि संक्रमण व एनीमिया के जोखिम को कम किया जा सके। बालिका समृद्धि अभियान का व्यापक लक्ष्य
​​​​​​​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बालिका समृद्धि अभियान का उद्देश्य किशोरियों में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित जोखिमों की समय पर पहचान, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, और स्कूल स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच को संस्थागत रूप देना है। विभाग का मानना है कि अभियान से दीर्घकाल में एनीमिया और कुपोषण की दरों में सुधार की उम्मीद है। कार्यक्रम में ACMO RCH डॉ ए.के. चौधरी, RBSK की DEIC मैनेजर डॉ अर्चना, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.के. चौधरी, मेडिकल टीम और अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments