Wednesday, May 27, 2026
Homeटेक्नोलॉजीघर में लगा WiFi है खतरनाक, हर समय करेगा आपकी जासूसी, रिसर्चर्स...

घर में लगा WiFi है खतरनाक, हर समय करेगा आपकी जासूसी, रिसर्चर्स की बड़ी चेतावनी


क्या आप जानते हैं कि घर में लगा WiFi राउटर भी आपकी हर समय जासूसी कर सकता है? आप चाहे कोई डिवाइस इस राउटर से कनेक्ट करें या न करें, तो भी यह चौबीसों घंटे आपकी सर्विलांस करता रहता है। यह घर में लगे CCTV कैमरों से भी खतरनाका है, जिसका इस्तेमाल आप पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। हाल में आई एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कैसे WiFi राउटर का इस्तेमाल करके लोगों की जासूसी की जा सकती है। इसे लेकर रिसर्चर्स ने चेतावनी भी जारी की है।

रिसर्चर्स ने दी चेतावनी

जर्मनी के कालसरुहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) के रिसर्चर्स ने राउटर के सर्विलांस टेक्नोलॉजी को लेकर चेतावनी जारी की है। यह टेक्नोलॉजी WiFi राउटर को एक ऐसे ट्रैकिंग टूल्स में बदल देती है, जो लोगों की पहचान कर सकता है। चाहे उनके पास राउटर से कनेक्टेड डिवाइस हो या न हो। रिसर्चर्स ने BFId नाम के इस टेक्नोलॉजी के मिसयूज को लेकर चेतावनी जारी की है।

सोचिए, हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा प्रदान करने वाला यह इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस ही आपकी जासूसी कर सकता है, जो आपके लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। हैकर्स को अगर, इसका एक्सेस मिल जाए तो आपको डिजिटल अरेस्ट कर सकता है और चौबीसों घंटे आप पर नजर रख सकता है।

Image Source : UNSPLASHघर में लगा वाई-फाई राउटर है खतरनाक?

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

रिसर्चर्स के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति WiFi की रेंज में आता है, जो उसके शरीर की बनावट और चलने के तरीके वाई-फाई से निकलने वाली रेडियो फ्रिक्वेंसी कैप्चर कर सकती है। मशीन लर्निंग मॉडल्स इन तरंगो के जरिए पता लगा सकते हैं कि कौन घर में है और कौन नहीं है। यह शरीर के रेडियो फ्रिक्वेंसी के आधार पर आपकी जानकारी रख सकता है। रिसर्चर्स का दावा है कि इसकी सटीकता 99.5% तक है।

WiFi राउटर्स से निकलने वाली तरंगें जब इंसान के शरीर से टकराती है, तो एक पैटर्न बनता है। इस पैटर्न से मिलती-जुलती तरंगें जब रेंज में रहती है, तो यह पता लगाया जा सकता है कि इंसान घर में मौजूद है या नहीं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि मशीन लर्निंग मॉडल्स इन सिग्नलों की पहचान कर सकते हैं। WiFi राउटर्स से निकलने वाली तरंगे BFId यानी बीमफॉर्मिंग फीडबैक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के जरिए इंसानों की पहचान सटीकता से कर सकता है।

CCTV से भी है खतरनाक

आम तौर पर सर्विलांस के लिए लोग CCTV यानी क्लोज सर्किट कैमरा टेलीविजन का यूज करते हैं। WiFi राउटर के जरिए CCTV के मुकाबले सटीकता से सर्विलांस किया जा सकता है। सीसीटीवी केवल उन एरिया का सर्विलांस कर सकता है, जहां तक इसके कैमरे की रेंज होती है। वहीं, BFId के जरिए वाई-फाई राउटर की रेंज में आने वाले हर व्यक्ति की पहचान की जा सकती है।

यह भी पढ़ें – Realme के 8000mAh बैटरी वाले फोन की First Sale, सस्ते में घर लाने का मौका, मिल रहा बंपर डिस्काउंट





Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments