बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। बुधवार सुबह उन्होंने अपनी दिनचर्या की शुरुआत मेदांता अस्पताल से की, जहां वह अपने रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए पहुंचे
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मंदिर से निकलने के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट स्थित मजार पर पहुंचकर चादरपोशी की। नीतीश की यह सक्रियता ऐसे समय में दिख रही है जब एनडीए और महागठबंधन दोनों की साख इस चुनाव में दांव पर लगी हुई है।
मजार से निकलते सीएम नीतीश कुमार।

पटना सिटी गुरुद्वारे भी गए सीएम।
वॉर रूम में पार्टी की रणनीतिक बैठक हुई थी
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी से मुलाकात की थी। वह सुबह उनके आवास पहुंचे और करीब 15 मिनट तक बैठक चली।
इस दौरान सीएम ने पहले चरण के मतदान को लेकर फीडबैक लिया। बैठक के बाद वह विजय चौधरी के साथ जदयू कार्यालय पहुंचे, जहां वॉर रूम में पार्टी की रणनीतिक बैठक हुई थी। इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, ललन सिंह और मंत्री अशोक चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
सोमवार को पटना में ’25 से 30, फिर से नीतीश’ पोस्टर लगाए गए थे, जिससे साफ संकेत मिला कि जदयू चुनाव परिणाम को लेकर आश्वस्त है। इसी बीच विजय चौधरी ने तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि ‘राज्यपाल केवल नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे।’ उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यह हार से पहले की हताशा है, जबकि एनडीए के पक्ष में भारी मतदान हुआ है।
सीएम फेस को लेकर भ्रम की स्थिति
हालांकि चुनाव से पहले एनडीए में सीएम फेस को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन नतीजों के बाद सभी घटक दल मिलकर मुख्यमंत्री का चयन करेंगे।’ बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी कि क्या नीतीश कुमार ही एनडीए का चेहरा बने रहेंगे।

