Agency:एजेंसियां
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Zubeen Garg Death Case: जुबीन गर्ग मौत मामले में भास्कर ज्योति महंता ने असम के मुख्य सूचना आयुकत के पद से इस्तीफा दे दिया है. असम के पूर्व डीजीपी श्यामकानु महंता समेत 7 की गिरफ्तारी हो चुकी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सिफारिश पर यह त्यागपत्र हुआ है.
Zubeen Garg Death Case: असम के लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग मौत मामले में नया मोड़ आ गया है. जांच की आंच असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक और मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner – CIC) भास्कर ज्योति महंता तक पहुंच चुकी है. उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है. उनके भाई श्यामकानु महंत के खिलाफ बड़ी संख्या में आरटीआई आवेदन दायर किए जाने लगे और जांच एजेंसियां उनसे जुड़े सवालों के जवाब मांगने लगीं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हितों के टकराव (conflict of interest) का हवाला देते हुए उनके इस्तीफे की सिफारिश की थी. भास्कर महंता ने इसे स्वीकार करते हुए पद छोड़ दिया.
जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर में हुई थी. वे अगले दिन एक संगीत कार्यक्रम में परफॉर्म करने वाले थे, जिसकी आयोजन समिति में श्यामकानु महंता मुख्य भूमिका में थे. अब तक इस मामले में 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें श्यामकानु महंता (फेस्टिवल आयोजक और भास्कर महंता के भाई), संदीपन गर्ग (जुबीन गर्ग के चचेरे भाई और असम पुलिस के DSP), सिद्धार्थ शर्मा (बैंड मैनेजर) समेत अन्य शामिल हैं. सभी आरोपियों को 11 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इन सभी पर हत्या की साजिश से आर्थिक धोखाधड़ी तक के आरोप लगाए गए हैं.
भास्कर के भाई पर गंभीर आरोप
भास्कर ज्योति महंता के भाई श्यामकानु महंत पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उनपर हत्या (Murder), गैर इरादतन हत्या (Culpable homicide), लापरवाही से मौत का कारण बनना और आपराधिक साजिश जैसे चार्ज शामिल हैं. इसके अलावा, उनपर अलग से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति अर्जित करने की जांच भी चल रही है. जुबीन के दो निजी सुरक्षा कर्मियों के खातों में संदिग्ध 1.1 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा भी हुआ है, जिसे जांच एजेंसियां मामले से जुड़ा हुआ मान रही हैं.
मुख्यमंत्री बोले– यह हत्या, दुर्घटना नहीं
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो दिखाते हैं कि जुबीन गर्ग की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है. सरकार ने 17 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा तय की है. इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच के लिए एक 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) भी गठित की गई है. स्पेशल DGP मुन्ना गुप्ता एसआईटी की अगुआई कर रहे हैं. सिंगापुर अधिकारियों ने पिछले महीने ही पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट भारत को सौंप दी और SIT अब जुबीन गर्ग की मौत से पहले की 48 घंटे की टाइमलाइन को जोड़ने की कोशिश कर रही है. उनके बैग से फार्मास्यूटिकल ड्रग्स मिलने के बाद जांच और गहराई से की जा रही है.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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