भीषण गर्मी के इस दौर में करवड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खुद प्यासा है। अस्पताल में पानी की भारी किल्लत की वजह से यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्टाफ को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी पीरूलाल निनामा ने कहा कि केंद्र के हालात काफी खराब हैं। अस्पताल के बाहर लगा वाटर कूलर महीनों से धूल खा रहा है। अंदर रखे कैंपर का पानी इतना गर्म है कि उसे पिया नहीं जा सकता। सबसे बुरा हाल शौचालयों का है, जहां पानी न होने की वजह से गंदगी फैल रही है और मरीजों का बैठना तक मुश्किल हो गया है। कई गांवों की निर्भरता, पर इंतजाम जीरो करवड़ पीएचसी पर सिर्फ करवड़ ही नहीं, बल्कि गोदडिया, मोर, घुघरी और गंगाखेड़ी जैसे आधा दर्जन गांवों के लोग निर्भर हैं। यहां हर दिन लोग डिलीवरी, टीकाकरण और छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए आते हैं। पानी की व्यवस्था न होने से मरीजों के परिजन को बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है या प्यासा रहना पड़ रहा है। अधिकारी बोले- जल्द करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था इस समस्या को लेकर जब मेडिकल ऑफिसर विमला सिंगाड़ को फोन लगाया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं, बीएमओ डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने माना कि समस्या गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही अस्पताल में पानी की केन रखवाने की वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे ताकि मरीजों को तुरंत राहत मिल सके।
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झाबुआ में स्वास्थ्य केंद्र में पानी नहीं: महीनों से बंद पड़ा वाटर कूलर, मरीज और स्टाफ परेशान हो रहे – Jhabua News
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