Water Chili Pickle Recipe: राजस्थानी खाने की थाली में अचार की अपनी अलग जगह है. दाल-बाटी हो, पराठा हो या फिर सादा दाल-चावल, साथ में थोड़ा सा तीखा अचार मिल जाए तो खाने का स्वाद बदल जाता है, लेकिन अगर आप अचार में ज्यादा तेल पसंद नहीं करते, तो राजस्थान की यह पारंपरिक रेसिपी आपके काम की हो सकती है. इसे पानी वाला मिर्च का अचार या मिर्ची की कांजी भी कहा जाता है. खास बात यह है कि इसमें तेल डालने की जरूरत नहीं पड़ती. मिर्च, मसालों और पानी से तैयार होने वाला यह अचार कुछ दिनों में स्वाद पकड़ लेता है. इसकी खुशबू और खट्टा-तीखा स्वाद इसे आम अचार से थोड़ा अलग बनाता है. बरसात या गर्मियों में घर के खाने के साथ चटपटा स्वाद चाहिए, तो इसे जरूर आजमाया जा सकता है. हालांकि, इसे बनाते समय साफ-सफाई और सही स्टोरेज का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
क्यों खास है पानी वाला मिर्च का अचार?
आम तौर पर मिर्च के अचार में तेल, मसाले और नमक का इस्तेमाल ज्यादा होता है. पानी वाला अचार इस मामले में थोड़ा अलग है. इसमें मिर्च को हल्का नरम करके मसालों से भरा जाता है और फिर पानी में रखा जाता है. इससे मिर्च धीरे-धीरे मसालों का स्वाद सोखने लगती है. इस अचार में राई, सौंफ, मेथी और भुना जीरा जैसे मसाले इस्तेमाल होते हैं. यही मसाले इसे खुशबूदार और चटपटा बनाते हैं. कुछ घरों में इसमें खटास के लिए सिरका भी डाला जाता है. स्वाद के साथ-साथ यह रेसिपी उन लोगों को भी पसंद आ सकती है, जो अचार में ज्यादा तेल से बचना चाहते हैं.
पानी वाला मिर्च का अचार बनाने की सामग्री
इसके लिए करीब 500 ग्राम ताजी, कम तीखी हरी मिर्च लें. मिर्च बहुत ज्यादा नरम या खराब नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा राई, सौंफ, मेथी दाना, भुना जीरा, हल्दी, हींग और स्वाद के अनुसार नमक लें. खटास के लिए करीब 2 चम्मच सफेद सिरका इस्तेमाल किया जा सकता है.
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कैसे बनाएं राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार?
सबसे पहले हरी मिर्च को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पूरी तरह सुखा लें. अब एक बर्तन में पानी गर्म करें. पानी उबलने लगे तो उसमें मिर्च डालें और गैस बंद कर दें. मिर्च को करीब 10 मिनट तक ढककर रखें. इससे मिर्च थोड़ी नरम हो जाएगी, लेकिन उसका स्वाद बना रहेगा. अब मसाले तैयार करें. राई, सौंफ, मेथी दाना और भुने जीरे को दरदरा पीस लें. इसमें हल्दी, हींग और नमक मिला दें. मिर्च को पानी से निकालकर ठंडा होने दें. इसके बाद हर मिर्च में लंबाई की ओर हल्का चीरा लगाएं. ध्यान रखें कि मिर्च पूरी तरह दो हिस्सों में न कटे.
अब तैयार मसाले को मिर्च के अंदर भरें. इसके बाद साफ और सूखे कांच के जार में सभी मिर्चियां एक-एक करके रखें. जिस पानी में मिर्च को गर्म किया था, उसे ठंडा करके जार में डालें. इसमें करीब दो चम्मच सफेद सिरका मिलाया जा सकता है. जार को तुरंत कसकर बंद करने के बजाय साफ सूती कपड़े से ढककर रखें. इसे 3 से 4 दिन तक धूप वाली साफ जगह पर रखा जा सकता है. इस दौरान अचार में खट्टापन और मसालों का स्वाद धीरे-धीरे आने लगता है. जब अचार स्वाद और खुशबू में तैयार लगे, तो इसे फ्रिज में रख दें.
अचार को स्टोर करते समय रखें ध्यान
अचार निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखा चम्मच इस्तेमाल करें. जार में गंदा पानी या नमी जाने से अचार जल्दी खराब हो सकता है. तैयार अचार को फ्रिज में रखना बेहतर रहता है. कितने समय तक अचार सुरक्षित रहेगा, यह उसकी सफाई, सामग्री और स्टोरेज की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए खराब गंध, फफूंदी या असामान्य बदलाव दिखने पर इसे न खाएं.
खाने के साथ ऐसे करें सर्व
इस अचार को दाल-चावल, पराठे, पूरी या राजस्थानी थाली के साथ परोसा जा सकता है. कुछ लोग इसके खट्टे-तीखे पानी को भी पसंद करते हैं. हालांकि, इसे किसी खास स्वास्थ्य लाभ का इलाज मानने के बजाय स्वाद बढ़ाने वाली पारंपरिक रेसिपी के तौर पर लेना बेहतर है.

