दिल्ली सरकार लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ 26 अगस्त को करेगी। इसके लिए तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पात्र महिलाओं को योजना से संबंधित आधिकारिक पत्र सौंपे जाएंगे। वहीं, 1 सितंबर से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा और जिला स्तरीय समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना शुरू होने के 18 दिनों में करीब 8 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 5 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं। 1 अगस्त से प्रभावी योजना के तहत दिल्ली के कम आय वाले परिवारों की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन पूरे वर्ष दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
अपात्र मिलने पर बंद होगी सहायता, राशि भी वसूली जाएगी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना में पात्रता को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पात्रता की लगातार निगरानी की जाएगी। जांच में किसी भी स्तर पर महिला अपात्र पाई जाती है तो उसकी सहायता तत्काल बंद कर दी जाएगी। पहले जारी की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। गलत जानकारी या धोखाधड़ी सामने आने पर कानूनी अथवा प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
मृत्यु पर तुरंत रुक जाएगा भुगतान
दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके सीबीडीसी वॉलेट में राशि का भुगतान तत्काल रोक दिया जाएगा। आरडी या एफडी खाते में जमा राशि और अर्जित ब्याज कानूनी उत्तराधिकारी को दिया जाएगा। मृत्यु के दो साल के भीतर दावा नहीं करने पर राशि सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। योजना से 1500 रुपए आरडी/एफडी में होंगे जमा योजना के तहत डिफॉल्ट रूप से 2,500 रुपये में से 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा होंगे, जबकि 1,000 रुपये लाभार्थी के बैंक खाते से जुड़े सीबीडीसी वॉलेट में भेजे जाएंगे। आरडी/एफडी राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन अवधि लागू रहेगी। लाभार्थी चाहें तो पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी या एफडी में जमा करा सकती हैं।
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