Sunday, April 12, 2026
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दिल्ली से बीजिंग15 मिनट में! अग्नि-5 का वार जमीन पर नहीं स्पेस से आता है


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Agni-5 Missile: भारत ने Agni-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. 5000+ किमी रेंज और मैक-24 स्पीड वाली यह मिसाइल चीन से ऑस्ट्रेलिया तक वार कर सकती है.

दिल्ली से बीजिंग15 मिनट में! अग्नि-5 का वार जमीन पर नहीं स्पेस से आता हैअग्नि-5 मिसाइल की स्पीड आवाज से 24 गुना तेज है.

नई दिल्ली: भारत ने हाल ही में अग्नि-5 मिसाइल का लेटेस्ट टेस्ट किया और इसके साथ ही दुनिया को एक बार फिर साफ संदेश दे दिया- हम सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को भी मिनटों में जवाब देने की क्षमता रखते हैं.

अग्नि-5 की सबसे बड़ी ताकत इसकी 5000+ किलोमीटर की रेंज है. इसका मतलब साफ है , भारत से छोड़ी गई मिसाइल सीधे चीन के हर बड़े शहर तक पहुंच सकती है. बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू… सब इसकी रेंज में हैं. यही नहीं, भारत से छोड़ी गई ये मिसाइल ऑस्ट्रेलिया तक भी वार कर सकती है. यानी एशिया-पैसिफिक का पूरा इलाका भारत की मारक क्षमता में आता है.

स्पीड इतनी कि हवा भी कांप जाए
अग्नि-5 की स्पीड है मैक-24. मतलब आवाज से 24 गुना तेज! अगर साधारण भाषा में समझें तो ये एक घंटे में लगभग 30,000 किलोमीटर तय कर सकती है. दिल्ली से बीजिंग की दूरी बस 10–15 मिनट में तय कर लेगी. सोचिए, हवाई जहाज को जहां कई घंटे लगते हैं, वहां ये मिसाइल कुछ ही मिनटों में टारगेट पर पहुंच कर दुश्मन को ध्वस्त कर सकती है.

स्पेस से होता है वार
ज्यादातर लोग समझते हैं कि मिसाइल बस ज़मीन से छोड़ी जाती है और हवाई जहाज़ की तरह उड़कर टारगेट पर गिरती है. लेकिन अग्नि-5 अलग है. ये सीधे अंतरिक्ष में जाती है. वहां हवा और ग्रैविटी का दबाव कम होता है, जिससे मिसाइल जबरदस्त स्पीड पकड़ लेती है और फिर बमों को लोकेशन के हिसाब से छोड़ देती है. यही वजह है कि इसे इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) कहा जाता है.

एक मिसाइल, कई टारगेट
अग्नि-5 की सबसे खास बात ये है कि ये एक साथ 10–12 अलग-अलग टारगेट को हिट कर सकती है. यानी एक मिसाइल से कई बम अंतरिक्ष में छोड़े जा सकते हैं और हर बम अलग-अलग लोकेशन पर जाकर फट सकता है. इससे दुश्मन के पास बचने का कोई चांस ही नहीं बचता.

इतना ही नहीं, अग्नि-5 दुश्मन की मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में माहिर है. इसमें असली बमों के साथ नकली (डिकॉय) बम भी छोड़े जा सकते हैं. अब दुश्मन का रडार समझ ही नहीं पाएगा कि कौन-सा असली है और कौन नकली. उसकी मिसाइलें फालतू डिकॉय पर खर्च हो जाएंगी और असली बम जाकर टारगेट पर गिरेगा.

सुपरपावर क्लब में भारत
इस टेक्नॉलजी को MIRV (Multiple Independently targetable Reentry Vehicle) कहते हैं और दुनिया में सिर्फ चुनिंदा देशों के पास ये ताकत है. अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत का नाम इस लिस्ट में जुड़ना अपने आप में ऐतिहासिक है.

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किशोर अजवाणी मैनेजिंग एडिटर, न्यूज18 इंडिया

न्यूज18 इंडिया के मैनेजिंग एडिटर किशोर अजवाणी एंकरिंग के अपने अलग अंदाज, भाषा शैली और तेवर के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2000 से पत्रकारिता में पूर्ण रूप से सक्रिय किशोर ने शुरुआत दूरदर्शन के लिए एंकरिंग से की और …और पढ़ें

न्यूज18 इंडिया के मैनेजिंग एडिटर किशोर अजवाणी एंकरिंग के अपने अलग अंदाज, भाषा शैली और तेवर के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2000 से पत्रकारिता में पूर्ण रूप से सक्रिय किशोर ने शुरुआत दूरदर्शन के लिए एंकरिंग से की और … और पढ़ें

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