धार जिला अस्पताल में तीन महीने पहले शुरू की गई ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। यूनिट में प्लाज्मा, आरबीसी और प्लेटलेट कंपोनेंट तैयार किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार सटीक इलाज मिल रहा है।
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3 महीने में 3052 मरीजों का इलाज
अब तक 1526 यूनिट रक्त से अलग-अलग कंपोनेंट बनाकर 3052 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। पहले मरीजों को पूरा रक्त चढ़ाना पड़ता था, जिससे कई बार अनावश्यक तत्वों के कारण परेशानी होती थी। अब मरीज की आवश्यकता के अनुसार केवल जरूरी कंपोनेंट दिया जा रहा है, जिससे इलाज अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो गया है।
यूनिट में 15 खास मशीनें
यूनिट की स्थापना की प्रक्रिया 2023 में शुरू हुई थी। 2025 में मशीनें और लाइसेंस मिलने के बाद इसका संचालन आरंभ किया गया। यूनिट में 15 खास मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें डीप फ्रीजर, प्लाज्मा सेपरेशन मशीन, लैमिनर एयर फ्लो, प्लाज्मा एक्सट्रैक्टर और रेफ्रिजरेटेड सेंट्रीफ्यूज प्रमुख हैं। इन मशीनों की मदद से रक्त के विभिन्न घटकों को अलग करके मरीजों को दिया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि, इस यूनिट के शुरू होने से मरीजों को अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और उन्हें बेहतर इलाज मिल रहा है।

