कोर्ट ने दोषी को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अलीगढ़ के थाना पालीमुकीमपुर में नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है। पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 3 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी है।
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एडीजे पॉस्को एक्ट कोर्ट संख्या 2 प्रदीप कुमार राम की न्यायालय में मामले का ट्रायल चल रहा था। शनिवार को इस मामले में उन्होंने फैसला सुनाया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद पुलिस ने दोषी को हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया है। वहीं पीड़ित परिवार ने कोर्ट का फैसला आने के बाद राहत की सांस ली।
एडीजीसी लव बंसल ने इस मामले की पैरवी की और दोषी को सजा दिलाई है।
घर में घुसकर फाड़ दिए थे कपड़े
एडीजीसी लव कुमार ने बताया कि घटना चार साल पुरानी है। पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 28 अगस्त 2021 को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया था कि उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। घटना के दिन वह घर के बाहर था।
दोपहर को 3 बजे उसकी 14 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वला श्रीपाल उर्फ पप्पू पुत्र महेंद्र उनके घर के अंदर घुस आया। बेटी सो रही थी, तभी दोषी ने उसे दबोच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। दोषी ने नाबालिग के कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर दोषी वहां से भाग गया।
जुर्माना न देने पर होगा अतिरिक्त कारावास
नाबालिग का शोर सुनकर उसका चचेरा भाई वहां आ गया था। जिसके बाद उसने अपने चाचा को जानकारी दी। पीड़ितों ने घटना के दिन ही थाने पहुंचकर तहरीर दी थी और मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराया था और दोषी को गिरफ्तार कर लिया था।
एडीजीसी लव कुमार बंसल ने बताया कि 15 हजार रुपए जुर्माना पीड़ितों को हर्जाने के तौर पर दिया जाएगा। अगर दोषी ने यह राशि जमा नहीं कराई तो उसे 6 महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

