Friday, April 10, 2026
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नीति आयोग रिपोर्ट: 10 साल में सर्विस सेक्टर में नौकरियां 24 प्रतिशत बढ़ीं, लेकिन राष्ट्रीय औसत से अब भी 5 प्रतिशत तक पीछे – Jaipur News


नीति आयोग की 2023-24 की रिपोर्ट में सर्विस सेक्टर में रोजगार-नौकरियों को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक दशक में नौकरी देने में राजस्थान का रियल एस्टेट टॉप-10 से बाहर हो गया। आईटी, हाउसिंग व फूड, वित्त एवं बीमा, आर्ट एंड कल्चर 2011 में

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राज्य में बढ़ी डेस्टिनेशन वेडिंग, कल्चरल एक्टिविटीज और टूरिज्म के प्रमोशन ने इस सेक्टर को लंबी छलांग देकर दूसरे स्थान पर ला दिया है। परिवहन व स्टोरेज, एडमिनिस्ट्रेशन, प्रोफेशनल सर्विस, हैल्थ एंड सर्विस और शिक्षा में नौकरियों का प्रतिशत अन्य राज्यों की तुलना में गिरा है, जबकि होलसेल व रिटेल ट्रेड में नौकरियां बढ़ी हैं। अन्य सेक्टर में पुराना ही स्थान है।

  • 2011-12 के मुकाबले 2023-24 में सर्विस सेक्टर में बीमा एवं वित्त, आर्ट एंड कल्चर, आईटी तथा हाउसिंग व फूड सब सेक्टर में तेजी से नौकरियां बढ़ी हैं। इन सब सेक्टर ने देश में टॉप-10 में जगह बना ली है। 10 साल पहले प्रदेश इसमें 5वें स्थान पर था, अब टॉप-10 से बाहर है।

भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. मनीष तिवारी, डायरेक्टर, एससीएम पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट, जयपुर

आईटी-प्रोफेशनल में कम नौकरी से पिछड़े

  • प्रदेश में रिटेल व होलसेल ट्रेड व ट्रांसपोर्टेशन-भंडारण में सबसे ज्यादा नौकरियां, लेकिन प्रॉडक्टिविटी सीमित है।
  • आईटी, फाइनेंस और प्रोफेशनल सर्विस हाई वैल्यू सर्विसेज हैं, जो जीवीए में महत्वपूर्ण है। अधिक प्रॉडक्टिविटी वाले इस क्षेत्र में कम लोग नौकरी में हैं। इसी कारण चंडीगढ़ में सर्विस सेक्टर शेयर 77.9% है, जबकि राजस्थान में मात्र 24.6%।
  • देश का सेवा क्षेत्र दोहरा ट्रैक मॉडल है। जहां पारंपरिक उपक्षेत्र में नौकरियां ज्यादा हैं, लेकिन प्रॉडक्टिविटी व वेतन सीमित हैं, जबकि आईटी, फाइनेंस जैसे उपक्षेत्र में रोजगार कम लेकिन प्रॉडक्टिविटी व वेतन ज्यादा है।



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