Saturday, April 11, 2026
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पाली के ऐसे पति-पत्नी जिन्होंने एक-दूजे की जान बचाई: एक ने पत्नी को तो दूसरे ने पति को किडनी दी, शहर तक छोड़ा, बोले-इनके बिना लाइफ अधूरी – Pali (Marwar) News


पाली के न्यू शक्ति नगर (सर्वोदय नगर) रहने वाले सतीश जिनकी दोनों किडनी फैल होने पर पत्नी संगीता ने अपनी किडनी डोनेट कर जान बचाई।

देश भर में जहां पर–पत्नी के रिश्तों में बीच तलाक, विवाद और हत्या जैसे खबरें आती रहती है लेकिन इस करवा चौथ पर हम आपको ऐसे पति–पत्नी की कहानी से रूबरू करवा चाहेंगे जिनकी प्रेम कहानी और समर्पण ये बताने के लिए काफी है उनके जीवन में उनकी पत्नी या पति की क

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पाली के न्यू शक्ति नगर (सर्वोदय नगर) रहने वाली संगीता किचन में चाय बनाते हुए। संगीता वर्तमान में सात महीने के गर्भ से है।

शादी के एक साल बाद ही पति की दोनों किडनी फेल, पत्नी ने खुद की किडनी दे बचाई जान पाली शहर के सर्वोदय नगर न्यू शक्ति नगर में रहने वाले 35 साल के सतीश वाल्मीकि की शादी साल 2018 में आगेवा गांव (जैतारण) निवासी संगीता से हुई थी। दोनों की लाइफ अच्छे से कट रही थी। सतीश नगर निगम पाली में सफाईकर्मी है और संगीता हाउस वाइट। लेकिन दोनों की जिंदगी में साल 2019 जीवन भर न भूलने वाला दर्द लेकर आया। सतीश की कमजोरी रहने लगी और बॉडी में सूजन आने लगी तो उसे जोधपुर एम्स में डॉक्टर को चेक करवाया। जहां पता चला कि सतीश की दोनों किडनी फेल हो चुकी है। ये सुन पूरे परिवार के होश उड़ गए। संगीता की आंखों से तो आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। लेकिन इसे मुश्किल समय में भी संगीता ने हार नहीं मानी और खुद को संभालते हुए पति को बोली कि आप चिंता न करे आपको कुछ नहीं होगा। हम बड़े से बड़े डॉक्टर से इलाज करवायेगी। जरूर पड़ी तो मैं अपनी किडनी डोनेट कर दूंगी। पत्नी के ये शब्द सुन कर मौत को सामने देख रहे सतीश की बॉडी में नई ऊर्जा भरने का काम किया। आंखों में खुशी के आंसू लिए सतीश बोला जब तुम्हारी जैसी पत्नी मेरे साथ है तो भला यमराज मुझे कैसे ले जा सकते है। 4 साल तक डॉक्टर की देख रख में सतीश का इलाज जयपुर के टोक रोड महात्मा गांधी हॉस्पिटल में चला।

पाली के न्यू शक्ति नगर (सर्वोदय नगर) रहने वाले सतीश घर में बच्चों को पढ़ाते हुए।

पाली के न्यू शक्ति नगर (सर्वोदय नगर) रहने वाले सतीश घर में बच्चों को पढ़ाते हुए।

2023 में करवाया किडनी ट्रांसप्लांट डॉक्टर के कहने पर 13 मार्च 2023 को जयपुर के टोक रोड महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सतीश और उसकी पत्नी संगीता की सभी आवश्यक जांचों के बाद किडनी ट्रांसप्लांट की गई। आज उस बात को 2 साल से ज्यादा समय हो गया है। दोनों पति पत्नी खुश है।

संगीता फिर से हुई गर्भवती वर्तमान में संगीता 7 महीने के गर्भ से है। परिवार में जल्द ही नए मेहमान के आने की आहट से पूरा परिवार खुश है। सतीश को शादी के बाद एक बेटी है। जिसका नाम दीप्ति है और वर्तमान में वह 7 साल की है।

BP ज्यादा रहने से हुई किडनी फेल सतीश बताते है कि कम उम्र में उनकी दोनों किडनी फेल कैसे हो गई। इस पर डॉक्टर ने बताया कि उनकी BP ज्यादा रहता था। जो उनकी दोनों किडनी को डेमेज करने का कारण बना। सतीश अब स्वस्थ है लेकिन बाहर का कुछ भी नहीं खाते, चाय भी बहुत कम पीते है और पानी RO का पीते है। और घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाते है ताकि किसी तरह के इन्फेक्शन की चपेट में न आए।

पत्नी ने दिया नया जीवन सतीश कहते है कि उन्हें पत्नी संगीता ने नया जीवन देने का काम किया है करवा चौथ पर में भी इस बार उसके साथ व्रत रखा है। उसने तो सच में अपनी किडनी देखकर मेरी उम्र लंबी करने का काम किया। संगीता कहती है कि सतीश के बिना जिंदा रहने का सपना भी उन्हें बुरा लगता था। उनके बिना मेरी लाइफ अधूरी थी। इसलिए सोच लिया था कि कुछ भी हो जाए सतीश को अपने जीवन से अलविदा नहीं होने दूंगी और अपनी किडनी उनके लिए डोनेट कर दी। लक्की हु की आज वे मेरे साथ है। और मुझे कुछ नहीं चाहिए।

कहानी-2 : पति ने पत्नी की जान बचाने डोनेट की किडनी, शहर तक छोड़ा दूसरी कहानी पाली जिले के डिंगाई गांव के 40 साल के जीवाराम चौधरी और उनकी 35 साल की पत्नी शांति की है। दोनों की शादी साल 2004 में हुई। शादी के बाद तो उन्हें दो बेटे हुए। मुकेश वर्तमान 18 साल का है और विकास 15 साल का है। दोनों की लाइफ अच्छे से कट रही थी। दोनों मुंबई के मलाड में जनरल स्टोर चलाते थे।

साल 2023 में पता चला पत्नी की दोनों किडनी फेल हो गई जीवाराम बताते है कि साल 2033 में शांति की तबीयत खराब रहने लगी। उसे थकान होने और बॉडी में सूजन रहने लगी। इस पर डॉक्टर को चेक करवाया। तो सामने आया को शांति की दोनों किडनी फेल हो चुकी है। ये सुन कर मेरे तो होश ही उड़ गए। लेकिन अपने आपको संभाला। डॉक्टर की देखरेख में 2 साल तक डायलिसिस करवाया। फिर अहमदाबाद के निजी हॉस्पिटल में 13 जून 2025 को किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन हुआ। जिसमें जीवाराम ने अपनी पत्नी शांति को किडनी डोनेट की।

पाली के डिंगाई गांव निवासी जीवाराम और उनकी पत्नी शांति दी। पत्नी के लिए जीवाराम मुम्बई छोड़कर अहमदाबाद में शिफ्ट हुए।

पाली के डिंगाई गांव निवासी जीवाराम और उनकी पत्नी शांति दी। पत्नी के लिए जीवाराम मुम्बई छोड़कर अहमदाबाद में शिफ्ट हुए।

पत्नी के लिए मुंबई छोड़ा, अहमदाबाद में रहने लगे पत्नी को समय समय पर डॉक्टर को चेक करवाने में दिक्कत न हो इसलिए जीवाराम मुंबई में अपना बिजनेस छोटे भाई को देखकर अहमदाबाद आ गए। जहां वे परिवार के साथ रह रहे है और यही पर जनरल स्टोर चलाते है। मैने तो सिर्फ व्रत किया, इन्होंने तो मेरी उम्र ही लंबी कर दी शांति देवी कहती है कि उन्होंने तो पति जीवाराम की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ के व्रत ही किया। लेकिन इन्होंने तो अपनी एक किडनी डोनेट कर उनकी उम्र को लंबी करने का काम किया है। ये जिंदगी उनकी ही देन है। मैने तो एक बार उन्हें मना कर दिया था कि किडनी न दे। ऑपरेशन के बाद दोनों को कुछ हो गया तो बच्चों का किया होगा। लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी और बोले कि तुम्हारे बिना जिंदा रहने का सोचना भी उनके लिए पाप है। उनके ये शब्द सुन कर आंखों से खुशी के आंसू निकल गए। और अपनी किस्मत पर गर्व करने लगी जो इसे पति मिले।

पाली के डिंगाई गांव निवासी जीवाराम और उनकी पत्नी शांति दी। पत्नी शांति को अपनी एक किडनी डोनेट कर जीवाराम ने उन्हें नया जीवन दिया।

पाली के डिंगाई गांव निवासी जीवाराम और उनकी पत्नी शांति दी। पत्नी शांति को अपनी एक किडनी डोनेट कर जीवाराम ने उन्हें नया जीवन दिया।



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