Tuesday, July 7, 2026
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पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे? 26 साल में कच्‍चे तेल की कीमत में सबसे बड़ी कटौती


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Crude oil Price : सऊदी अरब ने अपने कच्‍चे तेल की कीमतों भारी कटौती का ऐलान किया है. रेट घटने का भारत को खूब फायदा होगा क्‍योंकि रूस के बाद भारत सबसे ज्‍यादा तेल सऊदी अरब से ही लेता है. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में अब क्रूड ऑल का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है.

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सऊदी अरब ने कच्‍चे तेल की कीमत 11 डॉलर बैरल घटाने का फैसला किया है.

नई दिल्ली. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी आपूर्ति का सीधा फायदा भारत को मिलने जा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने अगस्त महीने के लिए एशियाई ग्राहकों के लिए अपने कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी कटौती कर दी है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने अगस्त महीने से एशिया के लिए अरब लाइट कच्चे तेल की कीमत में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती करने का निर्णय लिया है.

इस बड़ी कटौती के बाद अब अरब लाइट क्रूड क्षेत्रीय बेंचमार्क के मुकाबले 1.50 डॉलर प्रति बैरल डिस्काउंट (छूट) पर उपलब्ध होगा. भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है, इसलिए भारतीय कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है. ग्लोबल मार्केट में जून के मध्य से ही कच्चे तेल की कीमतें नरम हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत अब घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो कि इस साल फरवरी के अंत के स्तर के आसपास है.

क्‍यों सस्‍ता हो रहा है कच्‍चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है. युद्ध के कारण यह लगभग बंद पड़ा था. होर्मुज जलडमरूमध्य खुलते ही सऊदी अरामको ने रास तनुरा बंदरगाह से कच्चे तेल की शिपमेंट को तेजी से बढ़ाकर युद्ध-पूर्व स्तर के 90 फीसदी तक पहुंचा दिया है.
जब होर्मुज बंद था तब कंपनी को अपना माल लाल सागर के यानबू (Yanbu) बंदरगाह के रास्ते घुमाकर भेजना पड़ रहा था. इससे लागत बढ़ रही थी. अब तेल आपूर्ति सामान्य होने और मिडिल-ईस्ट से तेल का फ्लो बढ़ने के कारण एशियाई रिफाइनरियों के पास सस्ते तेल के कई विकल्प मौजूद हैं.

OPEC+ भी बढ़ाएगा उत्‍पादन

सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाले OPEC+ समूह ने भी अगस्त महीने के लिए तेल उत्पादन कोटा में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. पहले जब होर्मुज का रूट बंद था, तब उत्पादन बढ़ाने का कोई खास असर नहीं दिख रहा था. लेकिन अब जब सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश अपने बढ़े हुए कोटे का पूरा इस्तेमाल कर तेल बाजार में उतार रहे हैं, तो कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं.



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