Burhanpur Famous Winter Sabji: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में अगर सर्दी का मौसम हो और खाने की बात चले, तो तुवर दाने और बैंगन की सब्जी का नाम अपने आप जुबान पर आ जाता है. खासकर बुरहानपुर में यह सब्जी सिर्फ खाना नहीं, बल्कि परंपरा मानी जाती है. ठंड शुरू होते ही बाजारों में तुवर की फलियों की भरमार दिखने लगती है और हर घर में इसकी खुशबू फैलने लगती है. निमाड़ की इस देसी सब्जी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हरे मसाले में, राई के तेल में बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू दोनों दोगुनी हो जाती है.
क्यों खास है ये सब्जी?
लोकल स्वाद की जानकार फूलाबाई बताती हैं कि तुवर दाने और बैंगन की यह सब्जी बेहद आसान है और 15 से 20 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है. उनके मुताबिक, यह सब्जी मसालेदार, हल्की तीखी और पेट के लिए हल्की होती है. यही वजह है कि लोग इसे रोज़ के खाने से लेकर शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में भी बनवाते हैं. मेहमानों को यह स्वाद इतना पसंद आता है कि अक्सर रेसिपी पूछकर ले जाते हैं.
इस सब्जी में क्या-क्या लगता है?
इस देसी निमाड़ी स्वाद के लिए ज्यादा तामझाम नहीं चाहिए. बस तुवर के दाने, बैंगन, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट, जीरा, राई का तेल और नमक इतनी सी चीजों में कमाल का स्वाद तैयार हो जाता है.
ऐसे बनाएं तुवर दाने और बैंगन की सब्जी
अगर आप भी घर पर यह फेमस सब्जी बनाना चाहते हैं, तो तरीका बिल्कुल सीधा है. सबसे पहले आधा किलो तुवर की फलियों से दाने निकाल लें और आधा किलो बैंगन धोकर मोटे टुकड़ों में काट लें. अब कढ़ाही में लगभग 200 ग्राम राई का तेल गर्म करें. उसमें जीरा, फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर हल्का ब्राउन होने दें. इसके बाद बैंगन और तुवर के दाने डालें. ऊपर से नमक और हरा धनिया डालकर हल्का सा पानी डाल दें. ढककर धीमी आंच पर पकाइए. करीब 20–25 मिनट में सब्जी तैयार हो जाएगी. खुशबू ऐसी आएगी कि रोटी अपने आप हाथ में आ जाएगी.
एक दिन तक रहती है ताज़ा
फूलाबाई बताती हैं कि यह सब्जी एक दिन तक खराब नहीं होती, इसलिए इसे सुबह बनाकर दिनभर आराम से खाया जा सकता है. बाजरे की रोटी या सादी रोटी के साथ इसका स्वाद और भी निखर जाता है.

