नई दिल्ली6 मिनट पहले
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राष्ट्रपति मार्कोस ने पत्नी समेत राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
फिलीपींस के राष्ट्रपति रोमुआल्डेज मार्कोस जूनियर भारत के 5 दिन के दौरे पर हैं। उन्होंने मंगलवार को राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले राष्ट्रपति भवन में उनका पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित भी किया गया।
2022 में पद संभालने के बाद राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर की यह भारत की पहली यात्रा है। वे सोमवार को भारत पहुंचे थे। उनके साथ फर्स्ट लेडी लुईस अरानेटा मार्कोस और मंत्रियों का हाई-लेवल डेलिगेशन भी भारत आया है।
राष्ट्रपति मार्कोस का यह दौरा भारत-फिलीपींस के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है। राष्ट्रपति के स्वागत की तस्वीरें…

राष्ट्रपति मार्कोस को गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने आगे आकर राष्ट्रपति मार्कोस का स्वागत किया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति मार्कोस और उनकी पत्नी।

सोमवार रात विदेश मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति मार्कोस से मुलाकात की।

सोमवार को एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी से हैदराबाद हाउस में बातचीत होगी
राष्ट्रपति मार्कोस और पीएम मोदी के बीच हैदराबाद हाऊस में बैठक होगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय समझौतों पर साइन करेंगे। इसके बाद ज्वाइंट प्रेस स्टेटमेंट होगा।
राष्ट्रपति मार्को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। वहां वे कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात करेंगे।
फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला अकेला देश

भारत फिलीपींस को मिसाइल ऑपरेट करने की भी ट्रेनिंग भी दे रहा है।
फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला अकेला देश है। भारत ने पिछले साल अप्रैल में फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप भेजी थी।
दोनों देशों के बीच जनवरी 2022 में ब्रह्मोस मिसाइलों के लिए 375 मिलियन डॉलर्स में डील हुई थी। इन मिसाइलों की स्पीड 2.8 मैक और मारक क्षमता 290 किमी है। एक मैक ध्वनि की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है।
ब्रह्मोस के हर एक सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होता है। इसके जरिए सबमरीन, शिप, एयक्राफ्ट से दो ब्रह्मोस मिसाइलें 10 सेकेंड के अंदर दुश्मन पर दागी जा सकती है।

