फिलीपींस में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इमारतों में ज्यादातर दुकानें, दफ्तर और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक अब तक 32 लोगों की मौत हुई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप के पास समुद्र में था। यह सारंगानी प्रांत के मासीम कस्बे से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर आया। अधिकारियों का कहना है कि यह इस साल फिलीपींस में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। भूकंप के बाद सुनामी भी आई। सबसे ऊंची लहर की ऊंचाई 1.4 मीटर (करीब 4.6 फीट) रही। एहतियात के तौर पर इंडोनेशिया और मलेशिया ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे कुछ घंटों बाद वापस ले लिया गया। फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान (फिवोल्क्स) ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे तक 138 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। इन झटकों की तीव्रता 1.3 से 6.7 के बीच रही। फिलीपींस में भूकंप से जुड़ी 10 फोटोज… सैंटोर शहर में सबसे ज्यादा नुकसान 7 लाख से ज्यादा आबादी वाले बंदरगाह शहर जनरल सैंटोस में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां कई इमारतों में दरारें आ गईं, कुछ छोटी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं और एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक शहर में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई और करीब 130 लोग घायल हुए हैं। दक्षिण कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बालुत द्वीप समेत अन्य दक्षिणी इलाकों में भी 9 लोगों की मौत हुई। इनमें कुछ लोग गिरते मलबे, एक क्षतिग्रस्त मस्जिद और भूस्खलन की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल इमारत के गिरने की खबर के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। आशंका जताई गई कि कुछ छात्र मलबे में फंस सकते हैं। वहीं पुलिस के अनुसार शहर में कम से कम 7 लोग लापता हैं। सोमवार को गर्मी की छुट्टियों के बाद देशभर के सरकारी स्कूल खुले थे। दक्षिणी क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक सुबह ध्वजारोहण समारोह में शामिल 100 से ज्यादा छात्रों को हल्की चोटें आईं, जबकि कई बच्चे घबराहट के कारण बेहोश हो गए। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव अभियान शुरू करने को कहा है। इंडोनेशिया में भी भूकंप के झटके महसूस हुए भूकंप का असर फिलीपींस से बाहर भी महसूस किया गया। इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में झटके महसूस हुए। मनाडो शहर के लोगों ने बताया कि कंपन काफी तेज था। इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने अपने उत्तर-पूर्वी तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मलेशिया के कुछ तटीय इलाकों में भी एक मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका जताई गई है। जापान मौसम एजेंसी ने इबाराकी प्रीफेक्चर से लेकर ओकिनावा प्रीफेक्चर तक दक्षिणी तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने गुआम के लिए भी चेतावनी जारी की है। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने साफ किया है कि अमेरिका और कनाडा के प्रशांत तटों के लिए कोई सुनामी खतरा नहीं है। हवाई के लिए भी किसी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप के बाद लगातार आ रहे हैं आफ्टरशॉक मुख्य भूकंप के बाद उसी इलाके में कई और झटके दर्ज किए गए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये आफ्टरशॉक हैं, जो बड़े भूकंप के बाद सामान्य रूप से आते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि आफ्टरशॉक कई दिनों, हफ्तों या वर्षों तक जारी रह सकते हैं। कुछ मामलों में इनकी तीव्रता मुख्य भूकंप के बराबर या उससे ज्यादा भी हो सकती है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और नुकसान पहुंच सकता है। फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित हैं। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। इसी वजह से फिलीपींस दुनिया के सबसे अधिक आपदा प्रभावित देशों में गिना जाता है। यहां हर साल कई भूकंप आते हैं और करीब 20 तूफान तथा उष्णकटिबंधीय चक्रवात भी पहुंचते हैं। अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 69 लोगों की मौत हो गई थी। इस आपदा में करीब 150 लोग घायल हुए थे। सुनामी को जानिए…
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