पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें जीतकर सत्ता में लौटे एनडीए ने बिहार की राजनीति का संतुलन पूरी तरह बदल दिया है. इस बहुमत का सीधा असर अप्रैल 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों पर दिखने वाला है, जहां बिहार से पांच सीटें खाली होंगी. एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है और मौजूदा संख्याबल के हिसाब से एनडीए सभी पांचों सीटें अपने खाते में डाल सकती है. इसके उलट, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए हालात ऐसे बन गए हैं कि उनके खाते में एक भी सीट आना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है.
राज्यसभा की पांचो सीटें NDA की झोली में?
बता दें कि अप्रैल 2026 में खाली होने वाली राज्यसभा की 5 सीटों पर नामों की चर्चा तेज हो गई है. बिहार से कुल 16 राज्यसभा सीटें हैं और वर्तमान में RJD के 5 सदस्य हैं. लेकिन, इस बार स्थिति उलट है क्योंकि NDA की मजबूत स्थिति से आने वाले चुनावों में सभी सीटें उनके खाते में जा सकती हैं. एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है और NDA की संख्या इसे आसान बनाती है. बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने 202 सीटें जीतीं और प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिससे महागठबंधन को एक भी राज्यसभा सीट मिलने की संभावना न के बराबर है.
महागठबंधन को शून्य पर रोकने की रणनीति
NDA ने स्पष्ट कर दिया है कि अप्रैल 2026 के चुनावों में एक भी सीट महागठबंधन को नहीं जाने दी जाएगी. विधानसभा चुनावों के परिणामों से NDA की स्थिति मजबूत हुई है, जहां BJP, JDU और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर सरकार बनाई. सूत्रों के मुताबिक, JDU को 2 सीटें, BJP को 2 और LJP (Ram Vilas) को 1 सीट मिल सकती है. चिराग पासवान को अपने सहयोगियों को मनाना पड़ सकता है, लेकिन NDA की एकजुटता से यह संभव लगता है. तथ्य यह है कि हाल के चुनावों में NDA की जीत ने RJD को राज्यसभा में और कमजोर कर दिया है, जहां उनकी सीटें 2030 तक शून्य हो सकती हैं.
BJP में मंथन, नितिन नवीन का टिकट तय?
BJP में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है. इसके अलावा, पवन सिंह जैसे अन्य नामों पर भी चर्चा तेज है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनावों की जीत के बाद नए चेहरों को ऊपरी सदन भेजने की योजना है. BJP की 2 सीटों पर अनुभवी और युवा नेताओं का मिश्रण देखा जा सकता है जो NDA की राष्ट्रीय रणनीति को मजबूत करेगा.
JDU की तैयारी, 2 सीटों पर फैसला जल्द
बिहार में पॉलिटिकल ट्विस्ट संभव
हालांकि, NDA की जीत से स्थिति साफ लगती है, लेकिन महागठबंधन की ओर से कोई रणनीतिक कदम ट्विस्ट ला सकता है. RJD और कांग्रेस की कमजोर स्थिति से उनका राज्यसभा प्रतिनिधित्व घटेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि NDA के अंदरूनी समीकरण भी प्रभावित कर सकते हैं. अप्रैल 2026 तक नामों की अंतिम सूची पर सबकी नजरें टिकी हैं.

