लखनऊ2 मिनट पहले
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भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से मासिक क्षितिज श्रृंखला का आयोजन किया। कार्यक्रम शुक्रवार शाम को लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह, कैसरबाग में हुआ।
प्रसिद्ध भजन गायक सोनेलाल शशांक सागर ने अपने दल के साथ भक्तिमय प्रस्तुति दी। संगीत समिति से शिक्षा प्राप्त शशांक सागर देश के कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें भजन गायन के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना ‘जय गणपति वंदन गणनायक’ से हुई। इसके बाद राम भजन ‘पायो जी मैंने रामरतन धन पायो’ प्रस्तुत किया गया। कृष्ण भजन ‘नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा’ और मीरा का भजन ‘पग घुंघरू बाँध मीरा’ भी गाया गया। माँ भजन ‘हे मैया बड़ी कठिन डगरिया’ और भक्ति गीत ‘सबसे ऊंची प्रेम सगाई’ के बाद शिव भजन ‘शंकर तेरी जटा से बहती है गंगधारा’ से समापन हुआ।
मुख्य गायक के साथ नमन तिवारी और कैलाश ने सहगायन किया। विनोद कुमार ने सिंथेसाइजर, मुकेश प्रजापति ने बांसुरी, योगेश पाण्डेय ने तबला और शैलेन्द्र सिंह ने सहवाद्य पर संगत की। डॉ. अदिति थपलियाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रोताओं ने कलाकारों का तालियों से स्वागत किया और भक्ति रस में डूबकर आनंद लिया।


