भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम(एमएसएमई) विभाग की ओर से मेले का आयोजन किया गया। रविवार को छुट्टी के चलते काफी भीड़ रही। तीसरे दिन 70 स्टॉलों से करीब 8.5 लाख की बिक्री हुई।
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मेले में इको फ्रेंडली ज्वेलरी, डिजाइनर सूट, हैंडलूम गारमेंट्स और लोकल प्रोडक्ट्स लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कला, हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस बार मेले में 100 से अधिक महिला उद्यमियों ने भाग लिया है।
मेले में डब्ल्यूईसीएस एसोसिएशन की ओर से आमजन के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में भागलपुर के प्रतिष्ठित कवियों ने काव्य पाठ्य किया। एसोसिएशन की अध्यक्ष कल्पना कुमारी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि महिलाएं आज उद्यम के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने में सहायक हैं।
काव्य-पाठ्य का आयोजन।
मेले में घरेलू उत्पादों की बिक्री
सचिव ममता कुमारी ने बताया कि मेला से प्रदेश की लोक कला और संस्कृति को नया मंच मिला है। यहां अंग क्षेत्र की मंजूषा कला, मिथिला की मधुबनी पेंटिंग और टिकुली कला, साथ ही मखाना, अचार, सत्तू, बरी, पापड़ जैसे घरेलू उत्पादों की भी खूब बिक्री हो रही है।
उपाध्यक्ष रुमा वर्मा ने बताया कि रविवार को भीड़ उम्मीद से ज्यादा रही। अगले वर्ष इस मेले को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना है। मेले में महिला स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष माला गुप्ता, सह सचिव सुशीला प्रसाद, प्रीति सिंह, बोर्ड मेंबर नीलम सिंह, जिला अध्यक्ष पुष्पम झा, सचिव उलूपी झा, कोषाध्यक्ष सुमना सागर, मंजूषा गुरु मनोज पंडित और सीईओ लीना कुमारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मेले का समापन 14 अक्तूबर को किया जाएगा।

