पंकज केसरवानी | कौशांबी2 मिनट पहले
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कौशांबी में बुधवार शाम को भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के तत्वावधान में एक राष्ट्रव्यापी जिला स्तरीय जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। यह रैली संविधान, लोकतंत्र और बहुजन समाज के मौलिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा उन पर हो रहे अन्याय-अत्याचार के विरोध में आयोजित की गई थी।

संगठन ने अपनी मांगों में ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने, पिछड़े वर्ग (ओबीसी) और सभी जाति समूहों की जातीय आधारित जनगणना कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, आदिवासियों पर हो रहे अन्याय को रोकने, मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समुदाय के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने तथा उनके साथ हो रहे धार्मिक भेदभाव, हिंसा, उत्पीड़न और मॉब लिंचिंग को बंद करने की बात कही गई। एससी/एसटी/ओबीसी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
संगठन के मंडल अध्यक्ष जुगराज सिंह ने बताया कि यह आंदोलन वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारों तथा प्रशासन की मूलनिवासी बहुजन समाज विरोधी विभिन्न नीतियों के विरोध में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के ऐतिहासिक और संवैधानिक अधिकारों की उपेक्षा के खिलाफ सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए यह प्रदर्शन आवश्यक है।

