भोपाल मेट्रो की टाइमिंग बदल गई है। पहले दिन मेट्रो में सफर करके लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया था।
भोपाल मेट्रो को पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से 14 दिन में ही मेट्रो कॉरपोरेशन ने न सिर्फ टाइमिंग बदल दी, बल्कि ट्रिप भी घटा दी है। अब एम्स स्टेशन से सुबह 9 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे मेट्रो शुरू होगी, जबकि यही से शाम 7.30 बजे आखिरी मेट्रो चलेगी।
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भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने किया था। इसके अगले दिन यानी, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे।
मेट्रो चलते हुए शनिवार को 14 दिन बीत गए, लेकिन शुरुआत में जिस संख्या में पैसेंजर मिल रहे थे, वे एक चौथाई भी नहीं है। पहले दिन 21 दिसंबर को पैसेंजर संख्या सबसे ज्यादा 6568 तक पहुंच गई थी, जबकि अब 1 हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉरपोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है।
अब ये रहेगी मेट्रो की नई टाइमिंग…

75 मिनट में मिलेगी मेट्रो मेट्रो अफसरों के अनुसार, यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से समय और ट्रिप में बदलाव किया है। अब 3 घंटे देरी से मेट्रो शुरू होगी, जबकि रात 7.55 बजे तक यह चलेगी। शाम 7.30 बजे एम्स से सुभाषनगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी।
पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छुटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। एम्स से सुभाषनगर के बीच 7 और सुभाषनगर से एम्स के बीच 6 ट्रिप लगेगी।

अब ये रहेगी टाइमिंग
- पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12.40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेंगी।
- आखिरी मेट्रो शाम 7.30 बजे एम्स से शुरू होकर 7.55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेंगी।
13 दिन में 29 हजार पैसेंजर भी नहीं आए इंदौर में 31 मई-25 को मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत की गई थी। यहां पहले ही दिन करीब 26 हजार पैसेंजर मेट्रो में सवार हुए थे। हालांकि, शुरुआती 7 दिन तक इंदौर में मेट्रो में सफर करना फ्री में था, लेकिन भोपाल में ऐसा नहीं किया गया। पहले दिन से ही लोगों को टिकट खरीदना पड़ी। बावजूद पहले दिन कुल 6568 पैसेंजर सवार हुए थे और मेट्रो को टिकट के बदले 2 लाख 5 हजार 350 रुपए मिले थे।
इसके बाद पैसेंजर की संख्या घटती गई। 22, 23 ओर 28 दिसंबर को पैसेंजर 2 हजार से ज्यादा थी। वहीं, 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी होने से 4264 लोगों ने मेट्रो में सवार किया था। 30 दिसंबर को सबसे कम 967 पैसेंजर मेट्रो में बैठे थे। वहीं, नए साल के पहले दिन 2023 और दूसरे दिन 1065 यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों की कम संख्या की वजह से ही मेट्रो के समय और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया गया।
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साइकिल से हार गई मेट्रो…2 किमी में लगे 7 मिनट

कहने को भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर है, लेकिन यहां की मेट्रो की रफ्तार ‘कछुआ चाल’ जैसी है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाने में 4 से 5 मिनट लग रहे हैं, जबकि दूरी 1 किलोमीटर भी नहीं है। 7 किमी का सफर 25 मिनट का है, लेकिन स्टेशन पर इंटर से एग्जिट करने तक में 1 घंटा तक लग रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स भी बन रहे हैं।
मेट्रो की स्पीड को लेकर उठ रहे इन्हीं सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने 2 तरह से रियलिटी चेक किया। भास्कर के 2 रिपोर्टर ने डीबी मॉल स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में बैठकर सफर किया, जबकि 2 अन्य रिपोर्टर ने साइकिल से मेट्रो से रेस लगाई।
दोनों की रेस में साइकिल मेट्रो से आगे निकल गई। करीब दो किमी के सफर में मेट्रो को 7 मिनट लगे, लेकिन यही दूरी साइकिल से महज 3 मिनट में पूरी हो गई। भोपाल मेट्रो की फुल स्पीड 90Km प्रतिघंटा तक है। पढ़े पूरी खबर
भोपाल मेट्रो में पहली बार बैठे यात्रियों ने किया डांस

भोपाल में रविवार को मेट्रो के कमर्शियल रन का पहला दिन था। सुबह 9 बजे एम्स स्टेशन से मेट्रो का सफर शुरू हुआ। पूरे दिन कुल 17 ट्रिप हुई। इसमें एम्स से सुभाषनगर के बीच 9 और सुभाषनगर से एम्स के बीच 8 ट्रिप शामिल हैं।
संडे के दिन मेट्रो में घूमने के लिए लोगों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। शाम 5 बजे 5 हजार से ज्यादा लोग घूम चुके थे। वहीं, आखिरी ट्रिप तक यह आंकड़ा करीब 6 हजार यात्री पहुंच गया। पहले दिन बच्चों की टिकट को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी। पढ़े पूरी खबर

