Thursday, January 15, 2026
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मंगलवार से चीन-पाक का होगा अमंगल शुरू, आ रहा है स्टेल्थ फ्रीगेट का डबल डोज, एक है उदयगिरी तो दूसरा है हिमगिरी


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INDIAN NAVY WARSHIP: उदयगिरी और हिमगिरी के नौसेना में शामिल होने के बाद इस साल अब तक शामिल होने वाले स्वदेशी वॉरशिप की संख्या 7 हो जाएगी. अब तक डिस्ट्रायर INS सूरत, गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रीगेट INS नीलगिरी, सब…और पढ़ें

मंगलवार से चीन-पाक का होगा अमंगल शुरू, आ रहा है स्टेल्थ फ्रीगेट का डबल डोजइंडियन नेवी के दो महारथी
INDIAN NAVY WARSHIP: चीन और पाकिस्तान की समुद्र में बढ़ती जुगलबंदी भारत को परेशान करने के मकसद से ही बढ़ रही है. चीनी सबमरीन और वॉरशिप से पाकिस्तान अपनी नौसेना का आकार जरूर बढ़ा रहा है. भारत ने भी इसका देसी इलाज ढूंढ लिया है. एक के बाद एक स्वदेशी वॉरशिप के नौसेना में शामिल होने से दोनों पड़ोसी भी परेशान हैं. इसी परेशानी को और बढ़ाने के लिए मंगलवार 26 अगस्त का दिन ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि एक ही दिन में दो नीलगिरी क्लास स्टेल्थ फ्रीगेट नौसेना में शामिल होने वाले हैं. विशाखापत्तनम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दोनों वॉरशिप को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल करेंगे. इनके नौसेना में शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. समुद्र में पाकिस्तान को तो ठिकाने लगाएंगे ही, साथ ही हिंद महासागर से होकर गुजरने वाली ग्लोबल शिपिंग लाइन और भारतीय एनर्जी ट्रेड के रूट को भी सुरक्षित रखेंगे.

नीलगिरी क्लास स्टेल्थ फ्रीगेट की कहानी
आत्मनिर्भर भारत की मुहिम में एक के बाद एक स्वदेशी वॉरशिप नौसेना को सौंपे जा रहे हैं. प्रोजेक्ट 17A के तहत 7 नीलगिरी क्लास गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रीगेट नौसेना के लिए बनाए जा रहे हैं. साल 2015 में MDL के साथ 4 और GRSE शिपबिल्डर के साथ 3 स्टेल्थ फ्रीगेट का करार हुआ था. इस प्रोजेक्ट के सभी 7 शिप साल 2019 से 2023 के बीच MDL और GRSE शिपबिल्डर लॉन्च कर दिए थे. इनमें से 4 के समुद्री परीक्षण जारी हैं. इन सभी स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रीगेट के नौसेना में शामिल होने के बाद नीले समुद्र में भारत की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा. उदयगिरी नेवल डिजाइन ब्यूरो की तरफ से डिजाइन किया गया सौवां शिप है. नीलगिरी क्लास स्टेल्थ फ्रीगेट उदयगिरी भी 1 जुलाई को नौसेना को सौंपा गया था. 31 जुलाई को प्रोजेक्ट 17A के तहत बने एडवांस स्टेल्थ फ्रीगेट हिमगिरी नौसेना को सौंपा गया. साल 2025 तक इस क्लास के तीन वॉरशिप नौसेना के पास आ जाएंगे. पहला INS नीलगिरी को इसी साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेवी में शामिल किया था.

गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रीगेट की ताकत
प्रोजेक्ट 17A के हिमगिरी और उदयगिरि की खासियत यह है कि यह एंटी सर्फेस और एंटी शिप वॉरफेयर के लिए ब्रह्मोस से लैस है. एंटी एयर वॉरफेयर के लिए एयर डिफेंस गन और बराक 8 लॉन्ग रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल, एंटी सबमरीन वॉरफेयर के लिए वरुणास्त्र और एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस है. यह फ्रीगेट सोनार, कॉम्बेट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है, जो लंबी दूरी से आने वाले अटैक को डिटेक्ट, ट्रैक और इंटरसेप्ट कर सकता है. इस फ्रीगेट में 2 हेलिकॉप्टर भी आसानी से लैंड कर सकते हैं और उन्हें रखने के लिए हैंगर भी मौजूद है. इस प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे सभी 7 फ्रीगेट में 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं. इसका डिज़ाइन भी स्वदेशी है, और इसका स्टील भी स्वदेशी है. इसका डिज़ाइन नेवी वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो ने तैयार किया है. 6700 टन वजनी यह फ्रीगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. प्रोजेक्ट 17A के सभी वॉरशिप शिवालिक क्लास फ्रीगेट से 5 प्रतिशत बड़े हैं.

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