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Humayun Kabir News: हुमायूं कबीर की नई पार्टी को जोरदार झटका लगा है है. ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया. सैयद असीम वकार ने कबीर को शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया. हुमायूं कबीर ने घोषणा की है कि वह 22 दिसंबर को नई पार्टी बनाएंगे.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में नई पार्टी बनाने की कोशिश कर रहे हुमायूं कबीर को बड़ा झटका लगा है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उनके साथ किसी भी तरह के गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है. पार्टी ने कबीर के प्रस्तावों को ‘राजनीतिक रूप से संदिग्ध’ बताया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब कबीर ने दावा किया था कि वह ओवैसी की पार्टी के संपर्क में हैं. हुमायूं कबीर हाल ही में मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ जैसी मस्जिद की नींव रखने को लेकर चर्चा में थे. इस विवाद के बाद टीएमसी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था. अब एआईएमआईएम ने भी उनसे पल्ला झाड़ लिया है.
भाजपा और शुभेंदु अधिकारी से जोड़ा कनेक्शन: एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार ने हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कबीर को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का ‘करीबी’ बताया. वकार ने कहा कि कबीर को व्यापक रूप से शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा माना जाता है. सब जानते हैं कि अधिकारी भाजपा के इशारे पर काम करते हैं. ऐसे में कबीर के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता. उनके प्रस्ताव हमारी विचारधारा से बिल्कुल मेल नहीं खाते.
‘मुसलमान उकसावे की राजनीति नहीं चाहता’: एआईएमआईएम ने कबीर की मस्जिद वाली राजनीति को भी खारिज कर दिया. वकार ने कहा कि मुस्लिम समुदाय उकसावे से प्रेरित राजनीति का समर्थन नहीं करता. मुसलमान राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है, उसे तोड़ने में नहीं. हम देश को मजबूत करने वाली ताकतों के साथ हैं. अशांति और विभाजन पैदा करने वालों को मुस्लिम समुदाय नकारता है. कबीर जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह समाज को बांटने वाली है.
संविधान और ओवैसी की राजनीति: वकार ने अपनी पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का जिक्र करते हुए कबीर को आईना दिखाया. उन्होंने कहा कि ओवैसी साहब की राजनीति संवैधानिक मूल्यों और शांति पर आधारित है. वह ऐसे किसी भी व्यक्ति से नहीं जुड़ सकते जिसके काम एकता को खतरे में डालते हों. एआईएमआईएम का कहना है कि बंगाल के मुसलमान समझदार हैं. वे जानते हैं कि कबीर किसके इशारे पर और किस मकसद से काम कर रहे हैं. लोग उनकी ‘विनाश की राजनीति’ को पहचान चुके हैं.
22 दिसंबर को बनाने वाले हैं पार्टी: बता दें कि हुमायूं कबीर को पिछले हफ्ते टीएमसी से सस्पेंड किया गया था. इसके बाद उन्होंने ऐलान किया था कि वह 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी बनाएंगे. उन्होंने दावा किया था कि वह एआईएमआईएम और दूसरे दलों के साथ गठबंधन करेंगे. लेकिन एआईएमआईएम के इस औपचारिक खंडन ने कबीर की मुहिम को शुरू होने से पहले ही कमजोर कर दिया है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

