पटना मेट्रो को सस्ती बिजली देने पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब बिहार विद्युत विनियामक आयोग इस पर फैसला लेगा। मंगलवार को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और पटना मेट्रो के अधिकारियों ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा।
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मेट्रो के अधिकारियों ने कहा कि हमारी सेवा जनहित की है। सुबह 5 से रात 11 बजे तक मेट्रो का परिचालन होगा। मेट्रो को उद्योग और रेलवे से सस्ती बिजली मिलनी चाहिए। कारण, मालगाड़ी चला कर रेलवे अपने घाटे की भरपाई कर लेता है। उद्योग को भी घाटे की भरपाई हो जाती है। लेकिन, हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।
इसपर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारियों ने आयोग को लिखित पक्ष सौंपने के साथ निर्णय लेने का अनुरोध किया। इसके बाद आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी, सदस्य पुरुषोत्तम सिंह यादव, सदस्य अरुण कुमार सिन्हा ने फैसला रिजर्व कर लिया है।
अगले महीने फैसला सुनाया जाएगा। पटना मेट्रो का पहला फेज 15 अगस्त से शुरू करने की तैयारी है। इसकी लंबाई करीब 6.50 किमी है। इसमें मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरोमाइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन हैं। खेमनीचक स्टेशन अभी नहीं बना है। पुणे से तीन बोगी का मेट्रो सेट आ चुका है। डिपो में असेंबल किया जा रहा है। इस महीने के अंत तक असेंबल कर ट्रायल किया जाएगा। मेट्रो ट्रेन को 3 वर्षों के लिए किराया पर लिया गया है। इसका परिचालन भी डीएमआरसी की टीम करेगी।

