मध्य प्रदेश सरकार की मोहन बड़ोदिया की गोशाला पिछले एक महीने से बंद पड़ी है। पक्के बिजली कनेक्शन के बिना संचालन समिति ने इसे बंद कर दिया है, जिससे बेसहारा मवेशी एक बार फिर सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर हैं। जानकारी के मुताबिक, इस गौशाला को पिछले तीन सालों से कामचलाऊ इंतजामों के सहारे चलाया जा रहा था। बिजली कनेक्शन न होने से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही थी और टैंकरों के जरिए पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। लगातार आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से परेशान होकर गोशाला समिति ने इसे बंद करने का फैसला ले लिया। समिति के अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि बिजली की सुविधा न होने के कारण ही संचालन रोकना पड़ा है। सड़कों पर बैठे मवेशी, हादसों का बढ़ा डर गोशाला बंद होने से इलाके में लावारिस घूमते मवेशियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। शुक्रवार रात 8 बजे मोहन बड़ोदिया के मुख्य आगर-सारंगपुर रोड के साथ-साथ जनपद और तहसील कार्यालय के सामने सड़कों पर बड़ी संख्या में गाय-मवेशी बैठे दिखाई दिए। इससे रोड एक्सीडेंट और किसानों की फसलों के नुकसान का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग मोहन बड़ोदिया के गांव वालों ने सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द बिजली और पानी का पक्का इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यवस्था बनते ही गौशाला फिर से चालू हो सकेगी और गोवंश को भी सुरक्षित सहारा मिल सकेगा।
Source link
मोहन बड़ोदिया की गोशाला पर लगा ताला: एक महीने से गोवंश सड़कों पर भटकने को मजबूर, हादसे का खतरा – shajapur (MP) News
RELATED ARTICLES

