भिंड जिले के लहार के तत्कालीन उप पंजीयक मनोज सिहारे और 12 अन्य लोगों के खिलाफ ग्वालियर के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। रजिस्ट्रियों में कम शुल्क वसूली से शासन को 8,45,309 रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
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जानकारी के अनुसार, लहार निवासी रविन्द्र कुशवाह और बरुअनपुरा निवासी बांके बिहारी तिगुनायक ने करीब डेढ़ साल पहले EOW में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि सिहारे ने सात विक्रय पत्रों में जानबूझकर कम मुद्रांक और पंजीयन शुल्क वसूला।
लहार को नगर पालिका घोषित किए जाने की जानकारी के बावजूद उन्होंने संबंधित दस्तावेजों पर नगर पालिका क्षेत्र के प्रावधान लागू नहीं किए और मूल दस्तावेजों को कलेक्टर ऑफ स्टाम्प को नहीं भेजा। कुछ आवासीय और व्यवसायिक भूखंडों को कृषि भूमि दिखाकर पंजीयन किया गया। जिला पंजीयक भिंड की रिपोर्ट में भी पंजीयन शुल्क चोरी के आरोपों की पुष्टि हुई है।
इनपर केस दर्ज
EOW ने मनोज सिहारे के अलावा मदन मोहन शर्मा, उषा विश्वकर्मा, किरन वर्मा, मंगला वर्मा, मनोज गुप्ता, नीरज गुप्ता, फराह अली, अनीता परिहार, रोहित सक्सैना, सीमा कुशवाह और अमर सिंह नरवरिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सभी पर धोखाधड़ी (धारा 420), सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात (धारा 409), साजिश (धारा 120बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1) सहपठित धारा 13(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।

