राजस्थान घूमने, पढ़ने या इलाज कराने आ रहे विदेशी नागरिकों, विदेश में बसे NRI के वीजा संबंधित सारे काम अब जयपुर में होंगे। नए साल पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस की शुरुआत हो चुकी है।
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भारतीय मूल के विदेशियों को खास दर्जे वाले ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के लिए भी दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है। वीजा अवधि बढ़वाने से लेकर वीजा कन्वर्जन जैसे काम भी यहीं हो सकेंगे।
जयपुर के झालाना तिराहे पर स्थित ऑफिस में आईपीएस अधिकारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला तैनात कर दिया गया है। इस एक ऑफिस से क्या-क्या काम आसान होंगे, पढ़िए- इस रिपोर्ट में…
FRRO ऑफिस कैसे करेगा काम?
फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO), जयपुर के डायरेक्टर आईपीएस रमेश यादव ने बताया- जो भी विदेशी इंडिया में आते हैं, वह हमारी इमिग्रेशन चेक पोस्ट से गुजरते हैं। राजस्थान में एयरपोर्ट और लैंड पोर्ट, दोनों हैं। जयपुर में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जबकि बाड़मेर का मुनाबाव लैंड पोर्ट है। यानी विदेशी राजस्थान में एयर से भी आते हैं और जमीनी रास्ते से भी आते हैं। हालांकि साल 2019 के बाद से मुनाबाव से आवाजाही बंद है।
वीजा में हर तरह के अपडेशन का काम इसी रीजनल ऑफिस में होगा। (सांकेतिक तस्वीर)
जयपुर में कोई भी विदेशी आता है तो उसके पास वैलिड वीजा होता है। वीजा भी दो प्रकार के होते हैं, एक ई-वीजा और दूसरा वीजा एंबेसी से जारी होता है।
ई-वीजा के माध्यम से जो भी देश में आएगा, उसे एयरपोर्ट पर ई-वीजा के काउंटर पर जाना होता है। उस काउंटर पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी हमारी टीम चेक कर के उन्हें देश में आने देती है।
कई विदेशी नागरिक जयपुर एयरपोर्ट पर न उतर कर अन्य मार्गों से राजस्थान में आते हैं। ऐसे में हमारी टीमें उनकी सुरक्षा और जानकारी के लिए कई चीजें चेक करती हैं।
वीजा एक्सटेंशन का काम जयपुर में हो जाएगा कोई व्यक्ति 15 दिन का वीजा लेकर घूमने आता है। उसको लगता है कि उसे 20 दिन और यहां पर रुकना है। इसके लिए विदेशी यात्री को फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। पहले इस काम के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। लेकिन अब फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में आकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उसके बाद ही उनका वीजा एक्सटेंशन होगा।
वीजा कन्वर्जन का काम भी यहीं होगा कोई भी विदेशी व्यक्ति अगर एजुकेशन वीजा पर राजस्थान आया है। यहां पर अगर वह किसी तरीके से बीमार पड़ जाता है तो उसे भी यहां आकर अपने वीजा को मेडिकल वीजा में कन्वर्जन कराना होगा।
मेडिकल वीजा में, अगर किसी व्यक्ति को यहां पर 80 दिन से अधिक रुकना है तो उसे भी वीजा कार्यालय में आकर इसकी जानकारी देनी होगी और वीजा को बढ़वाना होगा। वीजा अवधि बढ़वाने या कन्वर्जन के लिए टूरिस्ट को अपने इलाज संबंधित सभी दस्तावेज जमा कराने होंगे।

मेडिकल सुविधाओं का लाभ लेने के लिए टूरिस्ट या अन्य वीजा पर आए यात्रियों को वीजा कन्वर्जन की जरूरत पड़ती है।
ओसीआई का रजिस्ट्रेशन
FRRO जयपुर के डायरेक्टर रमेश यादव ने बताया- वे भारतीय जिन्होंने विदेश में नागरिकता ले रखी है, उनके खास दर्जे वाले ओसीआई कार्ड भी इसी ऑफिस में बनेंगे। इसके लिए इंटरव्यू और फिर रजिस्ट्रेशन कराने की प्रोसेस पूरी करनी होगी।
लगातार विदेश की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए देश भर में 13 एयरपोर्ट पर ई-गेट बने हुए हैं। ई-गेट पर पासपोर्ट और बोर्डिंग पास स्केन करने के बाद बायोमेट्रिक जांच पूरी करनी होती है।
होटेलियर-हॉस्पिटल संचालकों को कर रहे जागरूक
FRRO जयपुर के डायरेक्टर रमेश यादव ने बताया कि होटल या फिर किसी भी अस्पताल में आने वाले विदेशियों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। राजस्थान के 22 हजार होटल्स को विदेशी नागरिक की पूरी डिटेल रखने और एफआरआर ऑफिस में जानकारी देने का नियम है।
इसके अलावा सूचीबद्ध अस्पताल और शिक्षण संस्थाओं को भी विदेशी नागरिकों की पूरी डिटेल रखने और विभाग को सूचित करने का कह रखा है। हमारी टीमें निरंतर मॉनिटर करती रहती हैं कि कोई भी विदेशी नागरिक वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ओवर स्टे तो नहीं कर रहा। अगर ऐसा पाया जाता है तो होटल, घर, गेस्ट हाउस पर सर्च कर एक्शन लिया जाता है। इसके बाद डिपोर्ट करने की प्रक्रिया होती है।

जयपुर के झालाना तिराहे पर स्थित ऑफिस में काम शुरू हो चुका है।
बीमार होने पर एग्जिट परमिशन भी यहीं से होगी जारी हमारी टीम के पास कई बार जानकारी आती है कि कुछ विदेशी यात्रा के दौरान बीमार हो गए, उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद हमारी जानकारी का सत्यापन कर मौके पर जाकर सही स्थिति देखी जाती है। विदेशी नागरिक के स्वस्थ होने के बाद एग्जिट परमिशन भी इसी ऑफिस से जारी होती है।
प्रदेश के होटल, हॉस्पिटल, मेडिकल इंस्टीट्यूट जहां पर विदेशी नागरिक या एनआरआई ठहरते हैं या पढ़ते हैं, या इलाज कराते हैं। इन लोगों को एक रजिस्टर मेंटेन करना पड़ता है। साथ ही FRRO के पोर्टल पर रजिस्टर करना पड़ता है। हर दिन होटल, हॉस्पिटल मेडिकल इंस्टीट्यूट को सी फॉर्म और एस फॉर्म भरना पड़ेगा। सी फॉर्म होटल और हॉस्पिटल वालों को भरना पड़ता है तो वहीं एस फॉर्म हो मेडिकल इंस्टीट्यूट को भर कर देना पड़ता है।

