पंजाब सीएम भगवंत मान द्वारा उठाए सवालों का केंद्रीय मंत्र प्रलहाद जोशी ने जवाब दिया है।
राशन कार्ड को लेकर पंजाब और केंद्र सरकार के बीच तकरार जारी है। सीएम पंजाब द्वारा उठाए गए सवालों के बाद केंद्र ने जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सीएम मान को तथ्यों को समझने की जरूरत है। eKYC सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की जा रही है
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केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने तीन प्वाइंटाें अपना जवाब दिया है
1. भगवंत मान जी को तथ्यों को सही ढंग से समझना चाहिए। राशन कार्ड धारकों की अनिवार्य eKYC कराने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। केंद्र सरकार तो केवल राज्यों से इसे लागू करने के लिए कह रही है। पंजाब सरकार को इसके लिए तीन बार विस्तार (एक्सटेंशन) भी दिया जा चुका है।
2. दूसरा एनएफएसए 2013 के तहत पंजाब में 1.41 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। एनएफएसए 2013 के अनुसार पात्र लाभार्थियों की पहचान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जो वह अपनी स्वयं की शामिल/बहिष्करण मानदंड (inclusion/exclusion criteria) के आधार पर करती है। इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
3. केंद्र सरकार ने स्वीकृत 1.41 करोड़ लाभार्थियों में से एक भी लाभार्थी की संख्या कम नहीं की है। केंद्र सरकार ने केवल इतना कहा है कि पंजाब सरकार अपने मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों की दोबारा जांच करे (इसके लिए CBDT, MCA आदि कई स्रोतों से जुटाए गए डाटा राज्य सरकार को साझा किया गया है)।
इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि यदि कोई योग्य लाभार्थी योजना से छूट गया है तो उसे जोड़ा जा सके। मैं दोहराता हूं कि पंजाब के 1.41 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न मिलेगा। इसमें से एक भी संख्या कम नहीं होगी। राज्य सरकारों को अवैध लाभार्थियों को हटाने का अधिकार दिया गया है (केंद्र सरकार इसके लिए जरूरी डाटा उपलब्ध करा रही है।

