रेस्टोरेंट में खाना कितना सस्ता?
पहले रेस्टोरेंट में खाने पर टैक्स 12% से 18% तक लगता था. लेकिन अब जीएसटी घटाकर सिर्फ 5% कर दिया गया है. इसका मतलब है कि बाहर खाना, परिवार के साथ डिनर करना, दोस्तों के साथ पार्टी करना या त्योहार पर बाहर घूमने जाना अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रेस्टोरेंट इंडस्ट्री, जो महंगे टैक्स की वजह से घटती डिमांड से जूझ रही थी, फिर से रफ्तार पकड़ सकेगी.
घरेलू यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर दोनों के लिए बड़ी खबर है. अब इकोनॉमी क्लास टिकट पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा, जबकि पहले यह 12% था. वहीं बिजनेस क्लास टिकटों पर जीएसटी 18% से घटाकर 12% कर दिया गया है. त्योहारों और छुट्टियों में जब हवाई टिकटों की डिमांड तेजी से बढ़ती है, उस समय ये राहत यात्रियों के बजट को हल्का करेगी और उड़ान भरना और आसान बना देगी. ये बदलाव सिर्फ जेब को हल्का करने तक सीमित नहीं हैं. सरकार का मकसद है कि इन कटौतियों से सेवाओं के सेक्टर खासकर रेस्टोरेंट, होटल और एविएशन में खपत बढ़े. महामारी और उसके बाद के समय में सबसे ज्यादा चोट इन्हीं सेक्टर्स को लगी थी.
हेयर ऑयल, साबुन, साइकिल सब सस्ता
जिन चीजों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है उनमें हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान. दूध, ब्रेड, छेना और पनीर पर जीएसटी 5 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है. सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी 0 होगा यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी 0 होगा. खाद्य पदार्थ नमकीन, बुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 चीजें जीएसटी के दायरे में हैं

