Sunday, April 12, 2026
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वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिकी शांति संस्थान का नाम ‘ट्रम्प इंस्टीट्यूट ऑफ पीस’ हुआ; व्हाइट हाउस बोला- दुनिया में शांति बनाएगा


1 घंटे पहले

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व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी शांति संस्थान (USIP) का नाम बदलकर ‘डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंस्टीट्यूट ऑफ पीस’ कर दिया गया है।

यह बदलाव ठीक उस वक्त हुआ है, जब ट्रम्प गुरुवार को रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के राष्ट्रपति फेलिक्स तशिशेकेदी ​​​​​​ की मेजबानी करने वाले हैं। यहां अमेरिका की मदद से दोनों देशों के बीच शांति समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे।

व्हाइट हाउस ने कहा, “अब यह डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंस्टीट्यूट ऑफ पीस कहलाएगा। यह नाम एक ऐसे राष्ट्रपति के सम्मान में है, जिन्होंने एक साल से आठ युद्ध खत्म किए। यह मजबूत नेतृत्व से दुनिया में शांति हासिल करने का प्रतीक बनेगा।”

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अमेरिका H-1B वीजा के लिए अप्लाई करने वालों की कड़ी जांच करेगा, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से जुड़े लोगों पर खास नजर

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने अपने सभी दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे H-1B वीजा के लिए अप्लाई करने वालों की लिंक्डइन प्रोफाइल और उनके रिज्यूमे की डिटेल जांच करें।

निर्देश के मुताबिक, अगर किसी इंसान ने किसी भी तरीके में अमेरिका में बोलने की आजादी (फ्री स्पीच) को कंट्रोल करने की कोशिश की है, तो उन्हें वीजा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

H-1B वीजा अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए बेहद खास है, क्योंकि इनमें बड़ी संख्या में लोग भारत और चीन से आते हैं। कई टेक इंडस्ट्री ने चुनाव के समय डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया था।

उन्हें उम्मीद थी कि ट्रम्प सरकार ने व्यापार के लिए माहौल अनुकूल होगा। हालांकि अब कंपनियों को नए तरह की वीजा जांच का सामना करना होगा, जिसे ट्रम्प प्रशासन अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी बचाने का कदम बता रहा है।

दूतावासों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वीजा अधिकारी आवेदक और उनके परिवार के पेशे की जांच करें। खासकर उन लोगों की, जिन्होंने कंटेंट मॉडरेशन, मिस-इन्फॉर्मेशन मॉनिटरिंग, फैक्ट-चेकिंग, डिस-इन्फॉर्मेशन रिसर्च, ऑनलाइन सेफ्टी या कंप्लायंस जैसे क्षेत्रों में काम किया हो।

अमेरिका का मानना है कि इन क्षेत्रों में काम करने वाले कुछ लोग ऐसा काम भी करते हैं जिसे वह ‘कानूनी तौर पर फ्री स्पीच को कंट्रोल करना’ मान सकते हैं।

जर्मनी में इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम ‘एरो-3’ तैनात, ये रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें रोकने में सक्षम

जर्मनी ने बर्लिन के पास इजराइल में बना एरो-3 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रूस की ओरेशनिक जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का भी पता लगाकर उन्हें रोक सकता है।

इजराइल ने हाल ही यह सिस्टम जर्मनी की राजधानी बर्लिन के पास स्थित एक एयर फोर्स बेस में आयोजित समारोह के दौरान जर्मनी को सौंपा था। इजराइली रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह उनके देश के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा निर्यात सौदा है।

यह समझौता दो साल पहले लगभग 4 अरब डॉलर में हुआ था और 2025 तक सिस्टम देने का वादा किया गया था। एरो-3 इजराइल की सबसे एडवांस मिसाइल डिफेंस तकनीक है। यह लॉन्ग रेंज से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को स्पेस में ही तबाह करने की क्षमता रखता है। इजराइल ने पिछले दो सालों में ईरान और यमन से दागी गई कई मिसाइलों को इससे रोककर देश को सुरक्षित किया है।

इजराइल एयरस्पेस इंडस्ट्रीज के चीफ ने कहा कि दुनिया में बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे हालात में एरो-3 जैसी तकनीक बहुत अहम हो जाती है। उन्होंने बताया कि इजराइल ने हाल के सालों में सैकड़ों मिसाइलों को इसी सिस्टम की मदद से रोका है।

जर्मनी और इजराइल पहले भी कई रक्षा सौदे कर चुके हैं। इजराइल ने जर्मनी से पनडुब्बियां और नौसेना के जहाज खरीदे हैं, जबकि जर्मनी ने इजराइल से टैंकों के लिए डिफेंस सिस्टम और एंटी-टैंक मिसाइलें ली हैं।

अमेरिका के ओमाहा गैस स्टेशन पर युवक ने फायरिंग की, 3 पुलिसकर्मी घायल; हमलावर ढेर

अमेरिका के ओमाहा शहर में एक गैस स्टेशन पर हुई गोलीबारी में तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में 20 साल के संदिग्ध को मार गिराया। घटना बुधवार दोपहर एक ग्रोसरी स्टोर में हुई फायरिंग के बाद शुरू हुई थी।

ओमाहा पुलिस चीफ टॉड श्माडेरर ने बताया कि संदिग्ध ने दोपहर में एक ग्रोसरी स्टोर में 61 साल के शख्स को सीने में कई गोलियां मारीं। घटनास्थल से मिली लाइसेंस प्लेट जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की कार का पीछा किया, जो एक गैस स्टेशन तक पहुंची।

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध गैस स्टेशन में एक टॉयलेट कमरे में घुस गया। थोड़ी देर बाद वह बाहर निकला और अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक अधिकारी को छर्रे लगे।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने संदिग्ध को मौके पर ही ढेर कर दिया। चीफ श्माडेरर ने कहा- ओमाहा के लिए यह बेहद खतरनाक दिन था और यह सब इसी संदिग्ध की वजह से हुआ।

पुलिस ने बताया कि घायल अधिकारियों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। उनकी चोटें जानलेवा नहीं हैं। छर्रे लगने वाले अधिकारी को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य दो की विस्तृत स्थिति अभी साफ नहीं है।

हमास के हमले में 5 सैनिक घायल होने के बाद इजराइल ने दक्षिणी गाजा में एयरस्ट्राइक की

इजराइली सेना ने बुधवार को दक्षिणी गाजा में हवाई हमला किया। यह कार्रवाई दिन में हुए हमास के उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें पांच इजराइली सैनिक घायल हुए थे।

बुधवार देर रात हुई ये एयरस्ट्राइक ऐसे समय में की गईं जब इजराइल और हमास दोनों ही सीजफायर उल्लंघन के आरोप एक-दूसरे पर लगा रहे हैं। अक्टूबर की शुरुआत से लागू यह समझौता कई बार तनाव में आया, लेकिन आंशिक रूप से जारी है।

दिन में पहले इजराइली अधिकारियों ने कहा कि उन्हें गाजा में मौजूद आखिरी बंधकों में से एक के बॉडी पार्ट्स मिले हैं। इसके साथ ही इजराइल ने कुछ फिलिस्तीनी नागरिकों को मिस्र सीमा के जरिए क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति देने का फैसला भी किया।

इजराइल का दावा है कि उसने एयरस्ट्राइक शुरू करने से पहले हमास द्वारा सीजफायर तोड़ने की कई घटनाओं को दर्ज किया है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में हुए हमलों में 104 लोगों की मौत हुई थी, जबकि नवंबर के अंत में 33 लोगों की जान गई थी।



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