वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष कोर्ट ने शनिवार को ढाई साल से लंबित केस में फैसला सुनाया। पत्नी की हत्या कर शव को खेत में फेंक देने के मामले में अदालत ने अभियुक्त पति को दोषी करार दिया। साक्ष्य गवाहों और पुलिस की चार्जशीट के आधार पर उसे हत्या
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विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम) अवधेश कुमार की अदालत ने किरीदौर, झारखंड निवासी अभियुक्त सुमित भुइया को उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्यारे पर 90 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी श्रवण कुमार रावत ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार लातेहार, झारखंड निवासी अनिल भुइया ने बड़ागांव थाने में दो साल पहले 10 अप्रैल 2023 को केस दर्ज कराया था । इसमें बताया था कि आरोप था कि उसकी बहन गीता भुइया अपने पति सुमित भुइया के साथ पुआरी कला, बड़ागांव में स्थित ओमग्रीक एग्रो फील्ड ईंट-भट्टा पर ईंटो को निकालने का काम करती थी।
उसका जीजा सुमित भुइया रोज शराब पीकर उसकी बहन गीता भुइया को मारता पीटता था। इस बीच 9 अप्रैल 2023 को सुबह उसे फोन से सूचना मिली कि उसके जीजा सुमित भुझ्या ने उसकी बहन गीता देवी को मारकर उसका शव ग्राम महदेपुर के पास खेत में फेंक दिया है। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

