Last Updated:
हिंदी सिनेमा में आपने कई ऐसे डायरेक्टर देखें होंगे, जो हिट की गारंटी रहे. उनकी फिल्में बनती ही हिट होने के लिए थी. ऐसे ही एक डायरेक्टर थे के. आसिफ. पूरे करियर में उन्होंने सिर्फ 2 फिल्में बनाई थी. 1 पर पहाड़ जै…और पढ़ें
फिल्म ने कूटे थे करोड़ों रुपए हम जिस के. आसिफ की जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, वो है, मुगल-ए-आजम. इस फिल्म का सेट इतना भव्य था कि देखने वालों के होश उड़ गए थे. जब यह सेट टूटा तो 10 ट्रक भरकर कबाड़ इकट्ठा हो गया था.मुगल-ए-आजम के लिए के.आसिफ ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था.इस फिल्म में मधुबाला और दिलीप कुमार लीड रोल में नजर आए थे.
फिल्म ने कायम की थी मिसाल
साल 1960 में आई के. आसिफ की मुगल-ए-आजम ने इतिहास रच दिया था. लोग फिल्म को अब तक भूल नहीं पाए हैं.आसिफ पहले ऐसे डायरेक्टर थे जिन्होंने अपने करियर में 2 फिल्में ही बनाईं. उस दौर में जब 5 से 10 लाख रुपए में फिल्में बनती थीं, तब उन्होंने इस अकेली फिल्म पर ही 1.5 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे. जिद्दी और जुनूनी डायरेक्टर ने हर सीन पर पानी की तरह पैसा बहाया था. बॉलीवुड में इतिहास रचने वाली फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ के गाने और कहानी को लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं. फिल्म ने ऐसी मिसाल कायम की थी.

1 फिल्म से रच दिया इतिहास
भव्य सेट बनाकर रचा इतिहास

आज भी देखना पसंद करते हैं लोग
लिए हर चीज असली यूज की थी. फिल्म में जोधाबाई की भूमिका में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस दुर्गा खोटे ने अपनी बायोग्राफी में मुगल-ए-आजम के कई राज से पर्दा उठाया है.उन्होंने बताया है कि इसफिल्म की शूटिंग बॉम्बे टॉकीज में हुई थी और फिल्म का एक चौथाई भाग शूट हो चुका था. फिर भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद फिल्म डिब्बा बंद हो गई और शूटिंग सेट का सारा सामान 10 ट्रकों में भरकर कबाड़ में बेचना पड़ा था. इनमें कॉस्ट्यूम और आर्टिफिशियल जूलरी जैसी चीजे थी.
बता दें कि फिल्म में दिलीप कुमार और मधुबाला की जोड़ी ने तो तहलका ही मचा दिया था. फिल्म का बजट 1.5 करोड़ रुपये था, उस दौर में फिल्म ने आज के हिसाब से बॉक्स ऑफिस पर 11 करोड़ रुपये का कलेक्श किया था. फिल्म में मधुबाला की खूबसूरती को जिस तरह से पेश किया गया था, लोगों उनके लुक पर जान तक देने को तैयार थे.

