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गाजीपुर: व्रत में अगर आप कुछ मीठा और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मखाने की खीर एक आसान विकल्प है. दूध, मखाना, इलायची, घी और चीनी से तैयार होने वाली यह खीर स्वाद के साथ पोषण भी देती है. कृषि विज्ञान केंद्र की होम साइंस विशेषज्ञ रागिनी दुबे ने इसे बनाने की आसान विधि बताई है.
गाजीपुर: व्रत में अगर आप कुछ मीठा, स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना चाहते हैं, तो मखाने की खीर एक अच्छा विकल्प हो सकती है. दूध, मखाना, इलायची, घी और स्वादानुसार चीनी से तैयार होने वाली यह खीर व्रत के दौरान आसानी से बनाई जा सकती है. कृषि विज्ञान केंद्र की होम साइंस विशेषज्ञ रागिनी दुबे ने मखाने की खीर बनाने की आसान विधि बताई है.
रागिनी दुबे के मुताबिक, मखाना कई पोषक तत्वों वाला खाद्य पदार्थ है और इसमें प्रोटीन समेत अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि, इसे अकेले हाई-प्रोटीन भोजन मानने के बजाय पूरी डाइट के हिस्से के तौर पर देखना बेहतर है. व्रत के दौरान इसे दूध के साथ मिलाकर खीर के रूप में तैयार किया जा सकता है. करीब 100 ग्राम मखाना, 1 लीटर दूध, 1-2 इलायची, थोड़ा घी, स्वादानुसार चीनी. व्रत के दौरान अपनी पसंद, जरूरत और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सामग्री की मात्रा कम या ज्यादा की जा सकती है.
मखाने की खीर बनाने के लिए सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा घी गर्म करें. इसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर भूनें. मखानों को तब तक भूनें, जब तक वे कुरकुरे न हो जाएं. इसके बाद इन्हें एक प्लेट में निकालकर अलग रख दें. अब उसी कड़ाही में दूध डालें और धीमी आंच पर पकने दें. दूध को धीरे-धीरे पकाने से वह गाढ़ा होता जाता है और खीर को मलाईदार टेक्सचर मिलता है.
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जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो उसमें स्वादानुसार चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएं. चीनी के घुलने के बाद गैस बंद कर दें. अब इसमें पहले से भुने हुए मखाने डालकर अच्छी तरह मिला दें. आखिर में इलायची डालें. इससे खीर में अच्छी खुशबू और स्वाद आएगा.
रागिनी दुबे के मुताबिक, खीर बनाने के लिए दूध का चुनाव उपलब्धता और बजट के अनुसार किया जा सकता है. गाय या भैंस दोनों के दूध से मखाने की खीर बनाई जा सकती है. दूध को जितनी देर धीमी आंच पर पकाया जाएगा, वह उतना ही गाढ़ा होता जाएगा. घी के लिए घर के बने घी का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, घी और फुल-फैट दूध दोनों में संतृप्त वसा होती है, इसलिए इनकी मात्रा का ध्यान रखना बेहतर है. इसी तरह अतिरिक्त चीनी का इस्तेमाल भी जरूरत के मुताबिक सीमित रखना चाहिए.
मखाने को अपेक्षाकृत कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है, लेकिन मखाने की खीर को पूरी तरह शुगर-फ्री या ब्लड शुगर पर असर न डालने वाली डिश कहना सही नहीं होगा. इसमें दूध के साथ चीनी भी शामिल होती है. इसलिए खीर में डाली गई चीनी की मात्रा, खाई गई मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति ब्लड शुगर पर असर डाल सकती है. इसी तरह मखाने की खीर को कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं बढ़ाने वाली डिश कहना भी सही नहीं है. दूध, घी की मात्रा और व्यक्ति की पूरी डाइट को ध्यान में रखना जरूरी है.
व्रत में अगर आप दूध से बनने वाली कोई पारंपरिक और आसान मीठी डिश बनाना चाहते हैं, तो मखाने की खीर आजमा सकते हैं. मखाने को पहले भूनने से इसका स्वाद बढ़ता है, जबकि धीमी आंच पर पका दूध खीर को गाढ़ा और मलाईदार बनाता है. बस चीनी, घी और खीर की मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार संतुलित रखें.

