शाजापुर के करीब ढाई साल पुराने चर्चित ‘दोस्ताना ढाबा’ हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ढाबा संचालक राजेश सौराष्ट्रीय और रसोइए जितेंद्र सौराष्ट्रीय को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। लापता होने के बाद बोरी में मिली थी लाश मंगलाज गांव के रहने वाले सुनील पाटीदार 21 दिसंबर 2023 को इंदौर नौकरी के इंटरव्यू के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब गूगल मैप से उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो वह बायपास के पास मिली। 24 दिसंबर को परिजनों ने संदेह होने पर दोस्ताना ढाबा खोलकर देखा, तो अंदर बोरी में सुनील की लाश मिली। साक्ष्य छिपाने पर भी मिली सजा अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने बताया कि हत्या के अलावा दोनों आरोपियों को सबूत मिटाने का भी दोषी पाया गया। इसके लिए उन्हें आईपीसी की धारा 201 के तहत तीन-तीन साल की जेल और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा अलग से भुगतनी होगी। मोबाइल के वीडियो से खुला राज जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा ने ढाबा संचालक राजेश को गिरफ्तार किया था। राजेश के मोबाइल की साइबर जांच कराने पर 21 दिसंबर 2023 की रात का एक वीडियो मिला। इस वीडियो में मृतक सुनील पाटीदार ढाबे पर जीवित हालत में कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा था। कोर्ट में टिके वैज्ञानिक सबूत अदालत में अभियोजन पक्ष ने ‘लास्ट सीन थ्योरी’, मोबाइल टावर लोकेशन और साइबर फोरेंसिक रिपोर्ट जैसे पुख्ता वैज्ञानिक सबूत पेश किए। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव के अनुसार, कोर्ट ने इन सभी सबूतों को विश्वसनीय मानते हुए दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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शाजापुर दोस्ताना ढाबा हत्याकांड, संचालक-रसोइए को उम्रकैद: लास्ट सीन थ्योरी और मोबाइल वीडियो से मिली सजा; बोरी में मिली थी लाश – shajapur (MP) News
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